दो साल बाद शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा की अभेद सुरक्षा की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अर्धसैनिक बलों की कंपनियां जम्मू पहुंचने लगी हैं। मुख्य रूप से यात्रा की सुरक्षा सीआरपीएफ के पास होगी। सीआरपीएफ के 3600 जवानों की 24 कंपनियां जम्मू पहुंच गई हैं। ये अब यात्रा की सुरक्षा कमान संभालेंगी। इसके अलावा सीआईएसएफ और आईटीबीपी की भी कुछ कंपनियां जम्मू पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी अगले 10 दिन तक पहुंच जाएंगी।
इस बार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 50 हजार जवान तैनात किए जाएंगे, ताकि यात्रा में किसी प्रकार का खलल न पड़े। क्योंकि अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार यात्रा होने जा रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए इस बार सुरक्षाबलों की तैनाती डबल कर दी गई है। यात्रा शुरू होने से पहले कश्मीर में एक सुरक्षित माहौल बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं में किसी प्रकार का भय न हो। बताया जा रहा है कि अगले कुछ ही दिन में अर्धसैनिक बलों को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात कर दिया जाएगा।
अगले कुछ दिनों में सभी कंपनियां पहुंच जाएंगी
सीआरपीएफ जम्मू के प्रवक्ता शिवनंदन सिंह ने बताया कि अब तक 24 कंपनियां पहुंच चुकी हैं। आने वाले दिनों इनकी संख्या और बढ़ेगी। अभी तक इसकी जानकारी नहीं है कि कितनी कंपनियां आएंगी, लेकिन दिल्ली से कंपनियों का आना शुरू हो गया है। इनके सीआरपीएफ समेत अन्य स्थलों पर ठहराने के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। यात्रा की सुरक्षा में तैनात जवानों की संख्या इस बार दोगुना की जा रही है।
हमेशा रहता है आतंकी खतरा और चुनौती
अमरनाथ यात्रा पर हर साल आतंकी खतरा जरूर रहता है, क्योंकि कई बार यात्रा में खलल डाला गया है। यात्रियों के काफिलों पर आतंकी हमले हुए हैं। खासकर अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकी संगठन बौखलाएं हुए हैं। वे खुन्नस निकालने के लिए हर हाल में यात्रा में खलल डालने की फिराक में हैं। ऐसे में इस बार यात्रा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय गंभीर है। इसी को देखते हुए सुरक्षाबलों की तैनाती दुगनी की गई है और इनको एडवांस में भेज दिया गया है, ताकि यात्रा के पहले सुरक्षित माहौल बनाया जाए।
यात्रा पर कब-कब हुए आतंकी हमले
1. 10 जुलाई 2017 को अनंतनाग में आतंकियों ने आठ अमरनाथ श्रद्धालुओं की हत्या कर दी गई। 18 यात्री घायल हुए थे।
2. छह अगस्त 2002 को नुनवान बेस कैंप पर आतंकी हमले में नौ अमरनाथ यात्रियों की हत्या कर दी गई।
3. 2001 में शेशनाग के पास आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका, इसमें 13 यात्रियों की मौत हो गई, 15 घायल हो गए।
4. 2000 में नुनवान बेसकैंप में हमला कर आतंकियों ने 32 यात्रियों की हत्या कर दी।