श्री अमरनाथ यात्रा, 2022 तीस जून से शुरू होगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में रविवार को हुई अमरनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। यात्रा की अवधि 43 दिन की होगी और रक्षाबंधन तक चलेगी। श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। बोर्ड ने यात्रा के दौरान कोरोना संबंधी सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने का भी फैसला लिया है। सरकार यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए इस बार आरएफआईडी सिस्टम शुरू करने जा रही है।
श्राइन बोर्ड के सदस्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, डीसी रैना, कैलाश मेहरा साधु, केएन राय, केएन श्रीवास्तव, पीतांबर लाल गुप्ता, डॉ. शैलेश रैना, प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री की मौजूदगी में हुई बैठक में यात्रा से संबंधित विषयों और मुद्दों पर मंथन कर तीस जून से यात्रा शुरू करने का फैसला लिया गया।
यात्रा पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू की जाएगी। प्रतिदिन दस हजार श्रद्धालुओं को रवाना किया जाएगा। इसमें हेलिकाप्टर से पहुंचने वाले श्रद्धालु अलग होंगे। बोर्ड बालटाल से दोमेल तक 2.75 किलोमीटर लंबे यात्रा यात्रा में यात्रियों को निशुल्क बैटरी कार सेवा मुहैया करवाएगा।
दो साल बाद हो रही अमरनाथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए एलजी ने संबंधित अधिकारियों को सुचारु यात्रा के लिए सभी प्रबंध समय पर करने के निर्देश दिए। सिन्हा ने श्रद्धालुओं और सेवा मुहैया करवाने वालों को श्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर जोर देते कहा कि संचार सुविधाओं को विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के आपसी समन्वय से मजबूत किया जाएगा।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितेश्वर कुमार ने बताया कि यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। नए यात्री निवास भवन बनाए गए हैं। दूरसंचार सुविधाएं, हेलिकाप्टर सेवा, बोर्ड की एप, पौनीवालों का साल भर के लिए बीमा के अलावा यात्रियों व सेवादारों के हित में कई कवायदें की गई हैं।
बोर्ड के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी राहुल सिंह ने यात्रा का एजेंडा प्रस्तुत किया, ताकि सदस्यों के सुझाव लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर सोशल मीडिया, मोबाइल एप और यू-ट्यूब के माध्यम से लोगों को अमरनाथ यात्रा के संबंध में जानकारी दी जाती रहेगी। गूगल पर यात्रा एप भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एलजी ने निर्देश दिए कि यात्रा के लिए अखाड़ा परिषदों, आचार्य परिषदों को विशेष न्यौता दिया जाए और साधु व संत समाज का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा, श्राइन बोर्ड के सदस्यों के सुझावों पर संबंधित अधिकारी और बोर्ड तत्काल कार्रवाई करें।
अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने के लिए जारी कार्यों को मई अंत तक पूरा करने के लिए कहा। यात्रा शिविरों व मार्ग पर साफ-सफाई के साथ यात्रा से संबंधित सूचनाओं का बड़े स्तर पर प्रचार करने के भी निर्देश दिए। अतिरिक्त सार्वजनिक और निजी बैंकों व उनकी शाखाओं में यात्रा परमिट जारी करने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया। बोर्ड सुबह-शाम बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में होने वाली आरती का लाइव प्रसारण भी पूर्व की तरह करेगा।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने यात्रा के लिए सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी। कहा कि पर्वत बचाव टीमों के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस यात्रियों के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा जांच शिविर भी स्थापित करेगी। बता दें कि पिछले दो साल से कोरोना की भयावहता को देखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा रद्द कर दी थी।
हालांकि पवित्र गुफा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और लाइव आरती का सीधा प्रसारण देश-विदेश में किया गया था। बैठक में मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, वित्त आयुक्त अटल डुल्लू, स्वास्थ्य विभाग के वित्त आयुक्त विवेक भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शैलेंद्र कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।