केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के पाकिस्तान से बातचीत किए जाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बात तब ही की जा सकती है, जब वहां से आने वाली बंदूकों और गोलियों की आवाज रूकेगी। उन्होंने कहा, 'क्या भाजपा को अपने देश के लोगों से बात करनी चाहिए या विदेश धरती पर बसे लोगों से? (पाकिस्तान से) बातचीत तभी हो सकती है जब बंदूकों और गोलियों की आवाज रूके।'
शनिवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रामबन के डाक बंगला में युवा सम्मेलन के दौरान कहा था कि पाकिस्तान से बातचीत के बिना कश्मीर घाटी में शांति कायम नहीं की जा सकती। महबूबा ने चिनाब घाटी के संसाधनों को घेरने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। कहा कि घाटी के लोगों को इस सरकार ने कोई लाभ नहीं दिया। जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी, महंगाई अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है।
दिल्ली में 'टीका लाल टपलू' के नाम पर रखा गया एक स्कूल का नाम
वहीं, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि रविवार को दिल्ली में एक स्कूल का नाम "टीका लाल टपलू' के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि वह हमारे लिए न केवल इसलिए सम्मानित थे क्योंकि वे कश्मीर में भाजपा के अध्यक्ष रहे थे, बल्कि वे कश्मीर की संस्कृति के प्रतीक थे। बता दें कि कश्मीर घाटी में 1987 के बाद हालात बिगड़ने पर सबसे पहले भाजपा के कश्मीर अध्यक्ष टीका लाल टपलू की हत्या कर दी दी। इसके बाद प्रेम नाथ कौल, नीलकंठ गंजू की भी हत्या की गई। स्क्वार्डन लीडर रवि खन्ना की सरेआम घाटी में हत्या कर दी गई थी।