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Amarnath Yatra: 'जय शिव ओमकारा, मिटाएंगे कचरा सारा’ अमरनाथ यात्रा बनाया जा रहा कचरा मुक्त

Fri, 08 Jul 2022 03:40 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर

सार

ग्रामीण विकास विभाग यात्रा को कचरा मुक्त बनाने के लिए न सिर्फ श्रद्धालुओं को प्लास्टिक व पॉलिथीन के उपयोग से बचने के लिए जागरूक कर रहा है, बल्कि पूरे यात्रा मार्ग से कचरा साफ भी करता जा रहा है।
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Amarnath Yatra 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वच्छ भारत अभियान का असर अमरनाथ यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर का ग्रामीण विकास विभाग यात्रा को कचरा मुक्त बनाने के लिए न सिर्फ श्रद्धालुओं को प्लास्टिक व पॉलिथीन के उपयोग से बचने के लिए जागरूक कर रहा है, बल्कि पूरे यात्रा मार्ग से कचरा साफ भी करता जा रहा है। कचरे के निस्तारण के लिए रिसाइकिल मशीनरी का भी उपयोग किया जा रहा है। इससे खाद तैयार की जा रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आरडीडी के साथ स्टार्टअप स्वाहा के वालंटियर भी जुटे हैं।

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ग्रामीण विकास विभाग जम्मू-कश्मीर की सचिव मनदीप कौर बताती हैं कि इस वर्ष स्वच्छ भारत मिशन के तहत अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह कचरा मुक्त रखने का फैसला किया गया। इसके पीछे उनका निहितार्थ यह है कि प्रकृति, पहाड़ों, ग्लेशियरों की रक्षा के साथ-साथ यात्रा को अनुकरणीय बनाना। हम श्रद्धालुओं को भी जागरूक कर रहे हैं। इसके लिए कुछ संदेश भी तैयार किए गए हैं... ‘ये है प्रभु का घर, गंदा नहीं करेंगे हम’, ‘ओम जय शिव ओमकारा, मिटाएंगे कचरा सारा’।  रूरल डेवलपमेंट और सैनिटेशन विभाग के निदेशक चरणजीत सिंह कहते हैं कि विभाग यात्रा को पूरी तरह से सिंगल यूज पॉलिथीन और डिस्पोजल प्लास्टिक से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्ग में चलने वाले लंगर प्रबंधकों को जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि इस जगह की पवित्रता बनी रहे।

दो से तीन घंटे में रिसाइकिल किया जा रहा कचरा

इस योजना में सहयोगी संस्था स्वाहा के को-फाउंडर समीर शर्मा कहते हैं कि किसी भी तरह के कचरे को धरती में नहीं जाने दिया जाएगा। इसे रिसाइकिल किया जाएगा। कचरे से बनने वाली खाद किसानों और इलाके की नगर परिषद के काम आएगी। इसके लिए मौके पर ही सेग्रीगेशन (प्लास्टिक अलग कर आर्गेनिक कचरे को अलग किया जाता है) और प्रोसेसिंग यूनिट लगाई गई है। यात्रा मार्ग से मात्र 2 से तीन घंटे में पूरा कचरा एकत्र कर उसे रिसाइकिल किया जा रहा है। प्रतिवर्ष अमरनाथ यात्रा में 500 टन कचरा निकलता रहा है। इस बार करीब 800 टन कचरा निकलने का अनुमान है।
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भक्तों में बंटेंगे आर्गेनिक खाद के पैकेट 

कचरे के निस्तारण से जो खाद तैयार होती है उसमें आठ दिन का समय लगता है और आने वाले दिनों में कचरे से बनी आर्गेनिक खाद के पैकेट श्रद्धालुओं में बांटे जाएंगे। पठानकोट से आए एक श्रद्धालु धीरज ने कहा, यात्रा मार्ग में सफाई हो रही है। कचरा नीचे लाया जा रहा है। मैं इससे पहले वर्ष 2007 में आया था और तब से आज चार गुना ज्यादा सफाई है। न केवल सरकार बल्कि भंडारे वाले भी अपने सफाई कर्मचारी लाए हैं। कई लोग यात्रा ट्रैक पर सफाई करते दिखाई दे रहे हैं।

400 वालंटियर कर रहे हैं काम
कचरा मुक्त अभियान पहलगाम और बालटाल आधार शिविर से पवित्र गुफा तक के यात्रा मार्ग पर चालू है और इसके लिए कुल 400 वालंटियर लगाए गए हैं जो इस काम में मदद कर रहे हैं। कचरे के अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग पर भी काम हो रहा है। यात्रा मार्ग पर सोलर कॉन्सेंट्रेटर लगाए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग इसके जरिये यात्रा को हर दृष्टि से प्रदूषण मुक्त बनाने में जुटा है। ये सोलर कॉन्सेंट्रेटर दूध, पानी गर्म करने, चावल, मैगी, आलू उबालने में काम आएंगे। इसके दो मॉडल कम्युनिटी और डोमेस्टिक आधार शिविर में लगाए गए हैं।

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