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Amarnath Yatra 2022: गीता भेंट कर शिव भक्तों का स्वागत करेंगे कश्मीरी मुस्लिम, कहा- काशी शिव की नगरी तो कश्मीर भोले का घर

Sat, 02 Jul 2022 03:25 AM IST
विमल शर्मा ओमपाल संब्याल, जम्मू

सार

स्वागत में जुटे इन युवाओं का नेतृत्व कर रहे जावेद बेग का कहना है कि श्री अमरनाथ यात्रा भारत के उस विचार को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है, जिसमें सभी धर्मों को एक समान माना गया है।
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अमरनाथ यात्रा 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस में काशी भगवान शिव की नगरी है तो कश्मीर घाटी भोले बाबा का हिमालय पर घर है। यह संदेश देता बैनर शनिवार से कश्मीर घाटी के प्रवेशद्वार काजीगुंड में नजर आएगा। भगवान शिव को कश्मीरियत का अभिन्न हिस्सा मानने वाले कश्मीरी मुस्लिम युवाओं का समूह अमरनाथ यात्रियों का अनोखे अंदाज में स्वागत करेगा। इन युवाओं ने फूल मालाएं, राष्ट्रीय ध्वज, शिव पार्वती की तस्वीरें और गीता की प्रतियाें की व्यवस्था की है।

अमरनाथ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी

कश्मीर घाटी में प्रवेश के दौरान अमरनाथ यात्रियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। उन्हें फूल मालाएं पहनाकर पवित्र गीता भेंट की जाएगी। स्वागत में जुटे इन युवाओं का नेतृत्व कर रहे जावेद बेग का कहना है कि श्री अमरनाथ यात्रा भारत के उस विचार को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है, जिसमें सभी धर्मों को एक समान माना गया है।

यात्रा को यादगार बनाने में लगे हैं लोग 

कश्मीर में शैव दर्शन, सूफी संतों, ऋषि परंपरा और कश्मीरी संस्कृति के इतिहास पर शोध कर रहे जावेद बेग के अनुसार कोई भी कश्मीरी भगवान शिव से खुद को अलग करके नहीं देख सकता। धर्म में बदलाव आए हैं लेकिन हमारी संस्कृति वही है। जावेद बेग के अलावा इस समूह में शामिल आसिफ मीर, यावर हुसैन बेग, मकबूल अहमद, तारिक अहमद भी अमरनाथ यात्रा को यादगार बनाने में लगे हैं। 

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इन युवाओं ने कहा कि शैव दर्शन कश्मीर की विरासत है। अमरनाथ यात्रा जैसे मौके पर वह इसे बाबा बर्फानी के भक्तों के साथ साझा करना चाहते हैं। प्रशासन से अनुमति मिल गई है। सुबह ग्यारह बजे यात्रियों का स्वागत करेंगे।

अभिनव गुप्त, शारदा पीठ को स्कूलों में पढ़ाया जाए

जावेद बेग पीओके में स्थित कश्मीरी पंडितों के धार्मिक स्थल शारदा पीठ और कश्मीर में अभिनव गुप्त से जुड़े इतिहास को स्कूल में पढ़ाने की वकालत करते हैं। बेग ने कहा कि वे बडगाम के बीरवाह में रहते हैं। उनके घर के पास अभिनव गुप्त काल से जुड़ी गुफा है, जिसका वह संरक्षण कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के समक्ष शारदा पीठ और अभिनव गुप्त को सिलेबस में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा है।

शिवभक्तों के लिए रास्ते को साफ रखते हैं अब्दुल 

शिव भक्तों के कदम जिस रास्ते से पवित्र गुफा की तरफ बढ़ते हैं, अब्दुल अहद उस मार्ग को साफ सुथरा रखते हैं। बालटाल से दोमेल ट्रैक पर अमरनाथ यात्रा में हिंदू-मुस्लिम सद्भाव की यह नजीर हर देखने वाले को प्रेरित करती है। यात्रा में घोड़े, पालकी समेत यात्रियों की जरूरत से जुड़ी कई सेवाएं मुस्लिम देते हैं।

रास्ते को साफ सुथरा रखने में लगे रहते हैं अहद 

इस बीच अब्दुल अहद अपने साथियों के साथ पूरी यात्रा के दौरान रास्ते को साफ सुथरा रखने में लगे रहते हैं। अब्दुल अहद कहते हैं कि बाबा अमरनाथ के दर्शन करने श्रद्धालुओं के जत्थे को कचरे से कोई परेशानी न आए, उनकी टीम इसे लेकर खास ख्याल रखती है। यात्रा के दौरान उनकी तरफ से यह छोटी सी सेवा है, जिसे अंजाम देकर टीम के सभी साथी सुकून महसूस करते हैं। 

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