महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक को 28 जुलाई को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 29 जुलाई को शारिका भवानी मंदिर में ले जाया जाएगा। इससे पहले छड़ी मुबारक के मंदिर पहुंचने पर लोगों ने भव्य स्वागत किया।
अमरनाथ यात्रा की छड़ी मुबारक की विशेष पूजा सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार बुधवार को आषाढ़ पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) पर पहलगाम के गौरी-शंकर में की गई। महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में गौरी शंकर मंदिर में छड़ी मुबारक का भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण किया गया।
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सभी अनुष्ठान पूरे होने के बाद छड़ी मुबारक दशनामी अखाड़े में लौट गई। इससे पहले छड़ी मुबारक के मंदिर पहुंचने पर लोगों ने भव्य स्वागत किया। अमरनाथ हादसे में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए भी प्रार्थना की गई।
महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक को 28 जुलाई को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 29 जुलाई को शारिका भवानी मंदिर में ले जाया जाएगा। दो अगस्त को नाग-पंचमी के अवसर पर दशनामी अखाड़े में छड़ी-पूजन के बाद 11अगस्त को श्रावण-पूर्णिमा पर पवित्र छड़ी को पवित्र अमरनाथ गुफा में ले जाया जाएगा।
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सात और आठ अगस्त को पहलगाम, नौ अगस्त को चंदनवाड़ी, 10 अगस्त को शेषनाग और पंचतरणी में रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद 11 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर छड़ी पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंच जाएगी।