जम्मू-कश्मीर में भी तेजी से पांव पसार रहे कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा की तैयारियों को औपचारिक तौर पर शुरू भी नहीं किया जा सका है। यात्रा का पारंपरिक रूट कश्मीर में बालटाल और पहलगाम है। लेकिन कश्मीर में अधिकतर कोविड मामलों के आने से यात्रा पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इससे पहले श्राइन बोर्ड भी एक बार यात्रा को रद्द करने के बाद यह फैसला वापस ले चुका है। बोर्ड की ओर से मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा को लेकर कई प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इसके तहत यात्रा की अवधि को कम करने, यात्री आयु सीमा में बदलाव, हेलिकॉप्टर से ही यात्रा करवाना आदि शामिल है। इस बार 42 दिन की यात्रा प्रस्तावित है।