जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे कठुआ, जम्मू, उधमपुर और रामबन में अमरनाथ यात्रियों के रुकने के लिए 71 पड़ाव स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 17 स्थानों पर मोबाइल टायलेट और उक्त चारों जिलों में विभिन्न स्थानों पर 105 लंगर स्थापित किए जाएंगे। राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार ने वीरवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर श्री अमरनाथजी यात्रा- 2019 के सुचारु संचालन के लिए की जा रही व्यवस्था की समीक्षा की।
इस दौरान मंडलायुक्त जम्मू संजीव वर्मा ने बताया कि कठुआ में 6, जम्मू में 17, उधमपुर में 26 और जिला रामबन में 22 पड़ाव बिंदु स्थापित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान जम्मू में 17, कठुआ में 8, उधमपुर में 10 और जिला रामबन में 28 स्थानों पर 105 लंगर स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक लंगर स्थल पर उचित रोशनी की व्यवस्था के साथ सीसीटीवी लगाए जाएंगे। यात्रियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
आईजी ट्रैफिक ने सलाहकार को उधमपुर से बनिहाल तक एनएच-44 के यातायात प्रबंधन योजना और स्थिति के बारे में अवगत कराया। इसमें कमजोर बिंदुओं की पहचान कर ली गई है। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि सड़क के विभिन्न चरणों में कार्य प्रगति पर है। सलाहकार ने एनएचएआई से उधमपुर से बनिहाल तक सड़क के रखरखाव और प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए कहा।
उन्होंने यात्रा के दौरान किसी कार्यक्रम को पूरा करने के लिए यातायात, आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को शामिल करने के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर संचार के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम को मजबूत करने पर जोर दिया।
सलाहकार ने जिला रामबन में क्रिटिकल केयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के अलावा चिकित्सा व्यवस्था करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को जरूरी इंतजाम करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम के साथ मोबाइल वैन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जम्मू में पांच स्थानों पर आनस्पाट पंजीकरण होगी
जम्मू में रेलवे स्टेशन के पास संगम, सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, राम मंदिर और पुरानी मंडी में यात्रियों और साधुओं के लिए आन स्पाट पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। एसआरटीसी की ओर से जम्मू से पहलगाम / बालटाल रूट के लिए बसों को उपलब्ध करवाया जाएगा। सभी जिलों में आवास और आश्रय शेड स्थापित है।