इस बीच नौंवे दिन 4821 श्रद्धालुओं ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए। इसके साथ यह आंकड़ा 73023 तक पहुंच गया है। नीलग्रथ से पवित्र गुफा तक बालटाल चापर सेवा से 1314 श्रद्धालु पहुंचे। इसमें 839 पुरुष और 475 महिला श्रद्धालु शामिल रहे। शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप में 400 श्रद्धालु पहुंचे। ट्रैक के असुरक्षित होने के कारण श्रद्धालुओं को पहलगाम से यात्रा के लिए शिफ्ट किया जा रहा है।
पिछले दो दिन से बालटाल में फंसे हजारों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ी हैं। इससे यात्रियों को वैष्णो देवी व जम्मू दर्शन में अन्य दूसरे धार्मिक स्थलों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। बालटाल से यात्रा रुकने से रियासत के प्रवेशद्वार से कश्मीर तक हजारों यात्री फंसे हुए हैं। इनमें अधिकांश दिल्ली और राजस्थान के यात्री हैं।
यात्रा प्रबंधों का जायजा
मंडलायुक्त संजीव वर्मा ने कहा कि यात्रा रुकने की सूरत में अमरनाथ यात्रियों के लिए सभी उचित इंतजाम किए गए हैं। मौसम खराब होने के कारण बालटाल ट्रैक से यात्रा स्थगित की गई है। यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया है। संभागीय प्रशासन की ओर से निगरानी कमेटियों का गठन किया गया है।
यहां शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए निगरानी कमेटियों का गठन किया गया है। साफ सफाई के लिए अस्थायी और मोबाइल सेनिटेशन यूनिट स्थापित किए गए हैं। कीमतों की दरों पर नकेल कसने के लिए प्राइस कंट्रोल टीमें स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 20000 यात्रियों की क्षमता वाले विभिन्न केंद्रों पर यात्रियों के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं। यात्रा रुकने की सूरत में श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी, शिवखोड़ी और अन्य दूसरे धार्मिक स्थलों पर भेजा जा रहा है।