उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के लिए अब कोई जगह नहीं है। आतंकवाद अंतिम सांसे ले रहा है। तंजीमों के टॉप कमांडर मार दिए गए हैं। जो बचे हैं वे भी मारे जाएंगे। हालांकि, पड़ोसी राज्य की ओर से हालात बिगाड़ने की लगातार कोशिशें की जाती रही हैं। जवानों के बलिदान के खून के एक-एक कतरे का हिसाब लिया जाएगा। वह अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम में राइजिंग जम्मू कश्मीर सत्र में उन्होंने कहा कि कश्मीर में हड़ताल के कैलेंडर की दुकान बंद हो गई है और बाकी दुकानें 365 दिन खोल दी गई हैं। पहले हड़ताल का कैलेंडर जारी किया जाता था कि कितने दिन स्कूल खुलेंगे और कितने दिन दुकानें। देश की एकता व अखंडता से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं दी जा सकती है। पत्थरबाजी बंद हो गई है।
श्रीनगर में अब नाइट लाइफ आबाद हो गया है। डल किनारे जहां दहशत का माहौल रहता था वहां संगीत की महफिलें सजने लगी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के हालात में सुधार हुआ है। यही वजह है कि पिछले दो साल में 350 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हुई है। फिर से बॉलीवुड लौटने लगा है।
उप राज्यपाल ने कहा कि राज्य में सुरक्षा के हालात में सुधार होने तथा शांति स्थापित होने से अब यहां के लोगों को जीने की स्वतंत्रता मिली है। अब लोग अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी जी रहे हैं। यहां उद्योग स्थापित करने के 56 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 26 हजार करोड़ रुपये के काम धरातल पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि वंचित समाज को अधिकार मिले हैं। पहले कुछ की जेबें भरी जाती थी, लेकिन अब उनके काले धंधे काफी हद तक बंद हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराकर ही यहां से जाऊंगा: एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराकर ही यहां से जाएंगे। वह लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नहीं जाने वाले हैं। न ही सक्रिय राजनीति के बारे में सोचा है। वह मिला जुला खेल नहीं खेलते हैं। राष्ट्र सेवा का उन्हें सबसे बड़ा काम सौंपा गया है जिसे पूरा करना है।