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Jammu News: बजट से महिलाओं की अपेक्षाएं.... रसोई को राहत, रोजगार, सुरक्षा और स्किल कोर्स की दरकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होने जा रहा है। महिलाओं की क्या अपेक्षाएं हैं, यह जानने के लिए सोमवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद का करवाया। महिलाओं ने जहां मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बजट में प्रावधान करने की जरूरत बताई, वहीं छात्राओं ने सुरक्षा, स्किल कोर्स, रोजगार और मुफ्त यात्रा का मुद्दा उठाया। महंगाई कम करने और रसोई को राहत दिए जाने की मांग सभी ने रखी।
उन्होंने कहा कि चाहे घरेलू महिला हो या कार्यरत, जब वे घर का बजट बनाती है तो महंगाई से जरूरतें पूरी करने के चक्कर में अपनी कई इच्छाओं को मारने पर मजबूर होती हैं। सरकार को बजट में इसका खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति और विशेषकर महिलाएं तनाव से गुजर रही हैं। उनके लिए काउंसलिंग सेंटर खोले जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर सीमित हैं। ऐसे में स्किल आधारित कोर्सेज को बढ़ावा मिलना चाहिए। कॉलेजों में छात्राओं के उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को सुनने वाली समितियां भी गंभीरता से सुनवाई करें। महिलाओं ने सोने की ज्वेलरी का प्रदेश बजट से सीधे नाता न होते हुए भी इसकी दरों में कमी और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आर्ट गैलरी के निर्माण, कल्चरल अकादमी, कला केंद्र में व्यवस्थाएं बढ़ाने और कलाकारों के लिए प्रोत्साहन भत्ते की मांग उठाई।
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सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगवाए सरकार
महिलाओं ने कहा कि सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है। सरकार को सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगवाने चाहिए। अभी कई जगह हैं, लेकिन बस स्टॉप, कॉलेजों आदि के सामने कैमरे नहीं हैं। रात और अलसुबह बसों में सफर करने वाली महिलाओं की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसा माहौल भी बनना चाहिए कि महिलाएं हिंसा या ज्यादती की रिपोर्ट करने के लिए आगे आएं।

मुफ्त यात्रा के लिए बस का भी हो ठहराव
स्मार्ट सिटी की बस में मुफ्त यात्रा को महिलाओं ने सराहा, साथ ही कहा कि ज्यादातर चालक महिलाओं को देखकर बसों को नहीं रोकते, जो रोकनी चाहिए। इसके अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक परिवहन निगम की बसों और अन्य वाहनों में भी किराये में रियायत होनी चाहिए। छात्राओं का कहना था कि मैटाडोर आदि वाहनों को छात्राओं से कम किराया वसूलना चाहिए।


योजनाएं काफी नहीं, प्रचार भी जरूरी
महिलाओं ने इस बात से इत्तेफाक जताया कि सरकार की ओर से काफी योजनाएं महिलाओं के लिए चलाई जा रही हैं, लेकिन इनका अपर्याप्त प्रचार और जागरूकता के अभाव से लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने की बात प्रमुखता से उठाई।
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इन्होंने रखी अपनी बात : पूर्णिमा शर्मा, पायल जैन, निर्मल पाधा, सरु जैन, शिवानी खजूरिया, डॉ. पूनम, दीपिका अरोड़ा, मीनाक्षी, सोनिका सेन, शीतल भड़वाल, नेहा राणा।
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