जम्मू में पत्रकारों से बात करती पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती।
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने फिर कड़े तेवर में हैदरपुरा (श्रीनगर) मुठभेड़ पर कहा कि अब कश्मीर में आतंकियों के साथ निर्दोष लोगों को मारा जा रहा है। इस मुठभेड़ में घर के मुखिया को शील्ड बनाकर आगे किया गया। उसके साथ एक डाक्टर भी मारा गया। अब मुझे मालूम नहीं उन्हें किस खाते में डालेंगे, लेकिन दिल दुखता है। तकलीफ होती है कि अब आतंकियों के साथ लड़ते-लड़ते आम लोगों को भी गोली से निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है। यह गलत है। महबूबा मंगलवार को जम्मू स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रही थीं।
महबूबा ने यूपी चुनाव को लेकर भाजपा सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। लेकिन सरकार के पास उसका कोई समाधान नहीं है। किसान एक साल से सड़क पर हैं, उसका कोई जवाब नहीं है। इनके पास एक ही मशीन, एक ही फैक्ट्री चलती है और वह है हिंदू-मुसलिम में झगड़ा करवाओ। यूपी के चुनाव नजदीक हैं। पहले लोगों के पास सरकारें जाती थीं तो कहती थीं कि हमने इतनी सड़कें और पुल बनवाए। रोजगार दिया।
मैं कालेज के समय वैष्णो देवी जाती थी। हमने कभी हिंदू-मुसलमान नहीं सोचा
फैक्ट्री लगाई। लेकिन इनके पास कहने को कुछ नहीं है और हिंदू-मुसलिम के नाम पर वोट मांगने का खेल शुरू कर दिया गया है। लोगों खासतौर पर युवाओं को ऐसे वातावरण से सचेत रहना चाहिए। मैं कालेज के समय वैष्णो देवी जाती थी। हमने कभी हिंदू-मुसलमान नहीं सोचा। यह जम्मू का भाईचारा है। यहां आज भी धर्मनिरपेक्ष जिंदा है। युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे इसे कायम रखें। उन्हें ऐसी सांप्रदायिक ताकतों से बचकर रहना होगा।
पूछा, स्थानीय युवाओं को कितना रोजगार मिला
भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि उसने कितने विद्युत प्रोजेक्ट लगाए और कितने स्थानीय लोगों को रोजगार दिया। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद बाहर वालों और स्थानीय युवाओं को कितना रोजगार दिया। हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि वह 75 फीसदी स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। पंजाब ने भी ऐसा ही आदेश निकाला है।
जम्मू-कश्मीर में भी ऐसी घोषणा की जाए। आज यहां का दुकानदार परेशान है। टिप्पर वालों के लिए कुछ नहीं सोचा जा रहा है। बाहर वाले रेत-बजरी, शराब के ठेके ले रहे हैं। राजनीतिक शह पर गुंडा तत्व झगड़ा करवाने का काम कर रहे हैं।