विधानसभा चुनाव के आखिरी दौर में वोटों की बरसात होगी। पिछले तीन चुनावों में यहां जमकर मत पड़े थे। हालांकि, गुरुवार को शीतलहर तथा कोहरे के प्रकोप के कारण मतदान प्रभावित होने की आशंका से राजनीतिक दल चिंतित नजर आए, लेकिन अगले दो दिनों तक मौसम बिलकुल साफ रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। राजनीतिक पंडितों ने भी मतदाताओं के पूरे जोशोखरोश के साथ निकलने की उम्मीद जताई है।
जम्मू जिले की 11, कठुआ की पांच और राजोरी जिले की चार सीटों पर शनिवार को मतदान होना है। पिछले तीन चुनावों 1996, 2002 और 2008 के चुनावों में इन 20 सीटों में से कुछ को छोड़कर अन्य सीटों पर लगभग 70 फीसदी मतदान हुआ। 20 सीटों पर कुल 73 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया।
सबसे अधिक मढ़ में 82 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए तीनों जिले में सरकार स्तर पर जोरदार प्रयास किए गए हैं। राजनीतिक दलों की ओर से भी इस प्रकार की कोशिशें की गई हैं। वीरवार को प्रचार अभियान थमने के बाद सभी दल बूथ मैनेजमेंट तथा वोटरों को बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
राजनीतिक पंडित प्रो. अनुराग गंगल का मानना है कि लोगों में जागरूकता और लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा बढ़ी है। पिछले चरण के चुनाव ने यह संकेत दे दिए हैं। उनका कहना है कि आखिरी दौर के चुनाव में भी मतदाताओं की बंपर वोटिंग की उम्मीद है। पिछले कई चुनाव में भी यहां जमकर मत पड़े थे।