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कश्मीर का भ्रमण नहीं करेगी सर्वदलीय समिति, अलगाववादियों से बातचीत भी एजेंडे में नहीं

Fri, 02 Sep 2016 12:34 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
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सर्वदलीय समिति हिंसा ग्रस्त कश्मीर घाटी में भ्रमण नहीं करेगी। हुर्रियत से बातचीत समिति के एजेंडे में नहीं है।
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हुरर्यित का प्रतिनिधिमंडल अगर समिति के सदस्यों से अलग से मिलना चाहेगा तो उसको इजाजत दी जाएगी। सर्वदलीय समिति में भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों की संख्या बराबर होगी। दोनों बड़े दलों से तीन-तीन सदस्य सर्वदलीय समिति में शामिल हैं। पहले समिति का दौरा सिर्फ श्रीनगर तक सीमित था लेकिन वीरवार को कार्यक्रम में जम्मू को भी जोड़ दिया गया है।

जम्मू में भी विभिन्न दलों और समाज के प्रतिनिधिमंडल समिति सदस्यों से मुलाकात कर हिंसा से जम्मू पर पड़े असर की जानकारी देंगे।

बातचीत में सभी प्रमुख क्षेत्रीय दल शामिल

ज‌ितेंद्र स‌िंह - फोटो : File Photo
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में आ रही समिति में वित्त मंत्री अरुण जेटली और वे स्वयं शामिल होंगे। कांग्रेस से राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे और अंबिका सोनी शामिल होंगी। देश के तीन मुस्लिम नेताओं को समिति में शामिल किया गया है।

मजलिस-ए-इत्तेहाद उल मुसलमीन के असदुदीन औबेसी, आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बदरुद्दीन अजमल और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष एवं पूर्व विदेश राज्य मंत्री ई अहमद शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर देश का एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य है।

समिति के सदस्य प्रमुख मुस्लिम नेताओं की सभी पक्षों से बातचीत में सही स्थिति और समस्याएं सामने आ सकेंगी। सभी प्रमुख क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं को भी समिति में शामिल किया गया है।
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नहीं हो सकेगा आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधित्व

केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
डॉ. सिंह ने कहा कि समिति हर उस प्रतिनिधिमंडल से खुलकर बात करेगी जो कश्मीर की हिंसा को समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने के पक्ष में हैं। समिति को प्रतिनिधिमंडल से जो भी सुझाव मिलेंगे उन पर गौर किया जाएगा।

भाजपा समेत सभी सियासी दलों ने कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल कर रियासत के विकास को गति देने पर एकमत हैं। दलीय भावना से ऊपर उठकर समिति जम्मू-कश्मीर और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर बातचीत करेगी।

कश्मीर हिंसा की आग जम्मू संभाग के राजोरी, किश्तवाड़ और डोडा के इलाके में भी पहुंची थी। जम्मू संभाग के लोगों ने संयम से काम लिया और हिंसा की साजिश को नाकाम कर दिया है। इस क्रम में जम्मू को भी नुकसान झेलना पड़ा। इसलिए समिति का पूरा एक दिन जम्मू के लिए होगा। 

सर्वदलीय समिति में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी के धर्मवीर गांधी को शामिल किया गया है, लेकिन, वे जम्मू कश्मीर नहीं आ सकेंगे। वे विदेश दौरे पर हैं। इस कारण आप का समिति में प्रतिनिधित्व नहीं हो सकेगा। समिति में दक्षिण भारत की पार्टियों के एआईडीएमके, तेलगु देशम, डीएमके और तेलांगना की पार्टी को शामिल कर कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की एकता का संदेश दिया गया है। 
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