कश्मीर में हालात काबू करने में जुटी सेना और सुरक्षा बलों के सामने अब नई मुश्किल खड़ी होती नजर आ रही है।
पिछले छह दिनों से घाटी में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं होने से घाटी में अब कुछ ही दिनों का पेट्रोल-डीजल बचा है। कश्मीर घाटी में अगर जल्द सप्लाई नहीं बहाल हुई तो सेना और सुरक्षा बलों के पास पेट्रोल-डीजल की कमी हो जाएगी।
वहीं जम्मू में कश्मीर में टैंकर चालकों पर बार-बार हमले से गुस्साए चालकों और कंडक्टरों ने नरवाल में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा नहीं मिलने और नुकसान का मुआवजा नहीं देने के चलते नारेबाजी भी की है।
टैकंर
- फोटो : Amar Ujala
इसके साथ ही आर्मी ने एक दिन पूर्व अपनी सप्लाई खुद ले जाने की बात कही थी, लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस तरह से घाटी में छठे दिन पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की सप्लाई ठप है।
आल जेएंडके ड्राइवर एंड कंडक्टर एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक आर्मी के 40-50 टैंकर जाते थे, आर्मी के अफसरों ने अपने टैंकर लाकर तेल ले जाने की बात की थी, लेकिन बैठक के दौरान कोई सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आए हैं।
सिंह के मुताबिक आर्मी ने बनिहाल के आगे पुलिस की मदद से टैंकर भेजने की बात कही थी, तो उन्होंने अपने कदम पीछे हटा लिए, क्योंकि उन्हें मालूम है कि पुलिस टैंकरों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है।
हिंसा के दौरान कई टैंकरों में हुई तोड़फोड़
पेट्रोल-डीजल
- फोटो : Demo Pic.
उन्होंने कहा कि बिना सुरक्षा की गारंटी के वे अपने और टैंकरों को नुकसान नहीं करवा सकते हैं और न ही अपने कंडक्टरों और चालकों की जिंदगी जोखिम में डाल सकते हैं। फिलहाल उनका प्रदर्शन जारी है। गुस्साए चालक और कंडक्टर सुरक्षा और मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हिंसा जारी है। इस हिंसा के दौरान लेह, कारगिल और कश्मीर जाने वाले टैंकरों पर उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया है। कई जगहों पर तो टैंकर ड्राइवरों को बेरहमी से मारा भी गया है।