पाक गोलाबारी में बुरी तरह प्रभावित होने वाले सीमावर्ती इलाकों के लोग केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के ढुलमुल रवैये से हैरान हैं। ग्रामीणों का कहना था कि पहले कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार इसी तरह बयान देती थी। अब भाजपा सरकार भी पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ बयानों तक ही सीमित है।
सरपंच बलविंदर कौर तो सरकार के रवैये से खासी रोष में नजर आईं। उनका कहना था कि अब उन्हें आश्वासन या राहत नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। सरकार की लचर नीतियों के कारण ही आज पाकिस्तान हर रोज हमले करने की हिमाकत करता है।
अब सरकार को ठोस फैसला लेना ही चाहिए। सीमावर्ती गांव के लोग भी रोज की गोलाबारी से तंग आ चुके हैं। 70 वर्षीय देश राज का कहना है कि पिछले कई वर्षों में इस तरह की गोलाबारी देख चुके हैं। अब ऐसा लगता है कि दोनों देशों की सरकारें इसका हल नहीं चाहती।
अपने घर में हुए हमले से गुस्साए कुलदीप राज का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके द्वारा कोई कड़ा रुख न अपनाए जाने से उन्हें निराशा हुई। संयुक्त राष्ट्र में भाषण नहीं, बल्कि गोली का जवाब गोली से देना होगा।
पाकिस्तान सीधे तरीके से मानने वाला नहीं है। राजिंदर शर्मा अपने घर के हुए नुकसान से काफी निराश थे। उनका कहना था कि सरकार को कुछ तो निर्णय लेना होगा।