मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए पैनल में शामिल अस्पतालों को प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र (पीएमएएम) बनाना होगा। वे सरकार प्रायोजित स्वास्थ्य कवर के माध्यम से कैशलेस उपचार का दावा करने में उनका मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य एजेंसी के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया, ताकि बिना किसी परेशानी के दावों का निपटारा किया जा सके।