जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने राहत और सौगातों का बजट पेश किया। बाढ़ के बाद अर्थव्यवस्था को गहरे झटके के बाद राहतों का ऐलान लाजिमी था।
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द्राबू ने बाढ़ से तबाह जीविका के साधनों को फिर से जिन्दा करने का प्रयास किया है। बजट का ढ़ांचा बदल दिया गया है। जम्मू-कश्मीर देश का पहला राज्य है जिसने केंद्र सरकार द्वारा नीतियों में बदलाव के बाद उसके अनुकूल बजट तैयार किया है।
योजना और गैरयोजना मद को समाप्त कर वर्तमान खर्च और पूंजी के दो हिस्से बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के लिए टैक्स और ड्यूटी में भारी छूट दी गई है।
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हर लड़की को सात लाख
होटलों, लाजेज और गेस्ट हाउस को उपकरणों के आयात पर इंट्री टैक्स पूरी तरह माफ होगा। भ्रष्टाचार पर रोक के क्रम में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लखनपुर टोल प्लाजा को निजी क्षेत्र को सौंपने का फैसला लिया गया है।
लिंगानुपात में संतुलन को गर्ल चाइल्स के लिए 14 वर्ष की उम्र तक एक हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा हुई है। 21 साल की उम्र में हर गर्ल चाइल्ड को 7 लाख रुपये मिल सकेंगे।
कर्मचारियों को 17 प्रतिशत का महंगाई भत्ते की सौगात दी गई है। इसके लिए 2200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मीठे के साथ कुछ कड़वा भी
विधवाओं के लिए आसरा नामक नई योजना शुरू की गई है जिसके तहत शून्य राशि 25 हजार का बीमा, 25 हजार की दुर्घटना बीमा, बीमारी पर पांच हजार और पांच साल के बाद 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
बजट में कुछ कड़वी घूंट भी है। बिक्री कर में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी का बोझ आम लोगों को ढ़ोना पड़ेगा। कंप्यूटर और इसके उपकरणों पर 5 प्रतिशत लेवी का भार छात्रों पर पड़ेगा।
इनवर्टर और यूपीएस पर 13.5 प्रतिशत का वैट आम लोगों और छात्रों का गणित गड़बड़ा सकता है। टोल दर में प्रति किलोग्राम 5 पैसे की बढ़ोतरी महंगाई बढ़ाएगी। बजट में महिलाओं पर खास ध्यान दिया गया है।
व्यापारियों और किसानों के लिए खास
व्यापारियों के सम्मान की बात बजट में शुमार है। उन्हें गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज कार्ड दिए जाएंगे।
बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी लिहाजा उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड के एक लाख तक के ऋण में 50 प्रतिशत की माफी दी गई है।
कर्मचारियों की नई पेंशन योजना में 154 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कर्मचारियों के लंबित मामलों के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल बनाने की क्रम बनाने की घोषणा हुई है।
जिला क्षेत्र के पूंजीगत खर्च में 1017 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट को अमन कायम करने वाला बताते हुए अवाम की भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई है।
संतुलित विकास, वित्तीय स्वायत्ता के लिए भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करने का वादा किया गया है। बाढ़ के आफ रोड रहे वाहनों पर चार महीने का पैंसेजर टैक्स माफ कर दिया गया है।
वित्तीय सहायता प्राप्त करने में स्टाम्प ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी। होटलों को जीएसटी भी नहीं देना होगा साथ उपकरणों के आयात पर इंट्री टैक्स भी नहीं लगेगा।
आटा, धान, चावल, गेंहू, मैदा, सूजी और बेसन पर वैट छूट जारी रहेगी। ताजा सब्जियों के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की सामग्रियों पर वैट को जारी रखा गया है।
पैकिंग के लिए अल्यूमिनियम फ्वाइल पर वैट 13.5 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।