जम्मू के अखनूर बस हादसे में मरने वाले 22 श्रद्धालुओं के शवों को दो ट्रेनों के जरिये जम्मू से पैतृक स्थानों पर भेजा गया है। इन ट्रेनों में कई घायल और तीमारदार भी गए हैं। जीएमसी में 47 घायलों का इलाज जारी है, इनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शनिवार को 16 घायलों को डिस्चार्ज किया गया है। कुछ लामा (चिकित्सा सलाह के विरुद्ध छुट्टी) पर चले गए। कई घायलों की ऑर्थो सर्जरी करके उन्हें विभिन्न वार्डों में रखा गया है। इनकी देखभाल के लिए कई तीमारदार भी पहुंच गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार देर रात 12:15 बजे अंडमान ट्रेन में 11 शवों को उनके पैतृक स्थानों पर भेजा गया। इस ट्रेन में 11 तीमारदार भी गए। इसके बाद शनिवार की सुबह 8:30 बजे झेलम एक्सप्रेस के विशेष डिब्बे में 11 अन्य शवों को भेजा गया। इनके साथ 21 तीमारदार और कुछ घायल भेजे गए हैं। जीएमसी जम्मू में 47 घायलों को वार्ड-1, डिजास्टर वार्ड, इमरजेंसी वार्ड रूम नंबर-7, इमरजेंसी वार्ड रूम-4 में उपचार दिया जा रहा है।
गंभीर रूप से घायल छह लोगों में दो का मुख्य आईसीयू और चार का इमरजेंसी के आईसीयू-4 में इलाज चल रहा है। ऑर्थो विभाग की ओर से कई घायलों की सर्जरी की गई है। इस हादसे में कई घायलों को गंभीर चोटें और फ्रैक्चर हुए हैं।
जीएमसी प्रशासन की टीम शनिवार भी घायलों की देखभाल में जुटी रही। हादसे की सूचना मिलने के बाद कई तीमारदार अपनों के पास जीएमसी में पहुंच गए हैं। जीएमसी के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, सभी घायलों को उचित इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक है, लेकिन अभी वे खतरे से बाहर हैं।