संघर्ष समिति ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अखनूर। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति जिला अखनूर ने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने सोमवार को एसडीएम मुख्तार लोन को ज्ञापन सौंपा और चिकित्सा संस्थान में इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
समिति ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान (एसएमवीडीआईएमई) में इस बार 50 में से 42 सीटें ऐसे विद्यार्थियों को आवंटित की गईं जिनका माता वैष्णो देवी धाम से न कोई भावनात्मक लगाव है और न ही संस्थान की परंपरा और धार्मिक पृष्ठभूमि से कोई संबंध। समिति ने कहा कि यह करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।
ज्ञापन में कहा गया कि श्राइन बोर्ड की स्थापना माता के भक्तों की चढ़ावा राशि का धार्मिक, सांस्कृतिक और परोपकारी उद्देश्यों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया में हिंदू विद्यार्थियों की उपेक्षा को समिति ने दुर्भाग्यपूर्ण और आस्था पर आघात करार दिया। समिति का कहना है कि जिस संस्थान का निर्माण भक्तों के धन से हुआ हो उसमें प्रवेश प्रक्रिया भी धाम की पवित्रता और भक्तों की भावनाओं के अनुरूप होनी चाहिए।
समिति ने कहा कि चिकित्सा संस्थान में सीटों का आवंटन उसी मूल भावना के अनुसार हो। इसके आधार पर संस्थान की नींव पड़ी। उन्होंने श्राइन बोर्ड अधिनियम की समग्र समीक्षा कर उसमें आवश्यक संशोधन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक पवन गुप्ता एवं सहसंयोजक महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास, ब्राह्मण सभा अखनूर के प्रधान सुदेश मगोत्रा, सेवानिवृत्त जोनल शिक्षा अधिकारी सूरज शर्मा, विद्या रत्न गुप्ता, अशोक छिब्बर, गौरव शर्मा, विनय शर्मा, रत्न चंद और सोमनाथ शर्मा मौजूद रहे।