फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें, क्या है कश्मीर घाटी के लिए अजीत डोभाल का फार्मूला

Mon, 08 May 2017 10:16 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
विज्ञापन
1 of 7
Ajit Doval - फोटो : File Photo
जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रा से पहले कश्मीर में अमन बहाल करने की केंद्र की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मंत्रणा के बाद तय किए फार्मूले के तहत अलगाववादियों को अलग-थलग कर आतंकियों के सफाए की रणनीति बनाई गई है। जानें क्या है अजीत डोभाल का दिया फार्मूला, आगे की स्लाइड्स में। 
विज्ञापन

2 of 7
राजनाथ सिंह - फोटो : File Photo
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ के बीच इस फार्मूले पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। फार्मूले के तहत रियासत सरकार को पुलिस और प्रशासन में मौजूद उपद्रवियों के संरक्षकों पर भी सख्त कार्रवाई करनी है। 
विज्ञापन

3 of 7
महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
महबूबा ने अलगाववादियों और उपद्रवियों के हमदर्द अफसरों पर कार्रवाई का भरोसा केंद्र को दिया है। नए फार्मूले के आधार पर ही रियासत और केंद्र सरकार कश्मीर में जल्द स्थिति सामान्य हो जाने का दावा कर रही है। 

4 of 7
Mehbooba Mufti - फोटो : File Photo
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के क्रम में महबूबा ने गठबंधन को मजबूती से चलाने पर जोर देते हुए कश्मीर में कुछ सियासी शख्सियत की चालों से भी अवगत कराया था। पत्थरबाजी के लिए उकसाने वाले तत्वों पर भी कार्रवाई की रणनीति पर अमल शुरू किया गया है। रणनीति के तहत अफवाहों पर रोक के लिए सोशल मीडिया पर कारगर नियंत्रण किया जा रहा है। 
 
विज्ञापन

5 of 7
- फोटो : File Photo
अलगाववादियों और पत्थरबाजों की फंडिंग के सभी रास्ते बंद किए जाना तय हुआ है। इस दिशा में कुछ सफलता भी मिली है। यही कारण है कि आतंकियों और उपद्रवियों ने फंड के इंतजाम के लिए बैंक लूट का रास्ता अपनाया था। अब संवेदनशील इलाकों में बैंकों के स्ट्रांग रूम को खाली कर लूट रोकने की कोशिश हुई है। 
विज्ञापन

6 of 7
KASHMIR - फोटो : PTI
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रणनीति के तहत अलगाववादियों को छेड़े बगैर उन्हें अलग-थलग किया जाना है। पहले पत्थरबाजों की रिहाई में तेजी आई थी लेकिन नई रणनीति के तहत पेशेवर पत्थरबाजों को कैद किया जा रहा है। सुरक्षा बलों के खिलाफ छात्र-छात्रों के गुस्से को शांत करने के लिए संयम का रास्ता चुना गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
indian army - फोटो : File Photo
केंद्र को अहसास है कि कश्मीर में आतंकियों और उपद्रवियों की घेराबंदी के बाद एलओसी और बार्डर से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकतीं हैं। सीजफायर का उल्लंघन बढ़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सेना और बीएसएफ को खुली छूट दी गई है। इस कार्रवाई के साथ-साथ घाटी में आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त करने का अभियान भी चलता रहेगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें