भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को नहीं, बल्कि वास्तव में लोकतंत्र को अयोग्य घोषित किया है। यह सारा नाटक प्रधानमंत्री को साधारण प्रश्न अदाणी की शेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ रुपये किसने लगाए हैं का जवाब देने से बचाने के लिए किया गया है।
यह आरोप पूर्व केंद्रीय मंत्री, एआईसीसी के वरिष्ठ नेता व सदस्य एआईसीसी संचालन समिति अजय माकन ने शहीदी चौक स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में लगाया है। उन्होंने कहा कि सात फरवरी को राहुल ने लोकसभा में अदाणी और प्रधानमंत्री के बीच के संबंधों पर सवाल उठाया था।
राहुल तो बहाना है असल में मोदाणी (मोदी-अदाणी) को बचाना है। घोटाले की जांच के लिए जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) गठित की मांग को दोहराते हुए माकन ने कहा कि हम राहुल के लिए नहीं बल्कि लोकतंत्र की बहाली के लिए लड़ रहे हैं। छोटे निवेशकों, एलआईसी पालिसी धारकों, ईपीएफओ जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के साथ औने पौने दाम पर राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने के खिलाफ हैं।
राहुल गांधी ने 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में चुनावी भाषण दिया था। 16 अप्रैल 2019 को भाजपा विधायक ने गुजरात के सूरत में शिकायत दर्ज करवाई और 7 मार्च 2022 को शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय से मामले पर स्टे ले लिया।
लेकिन 7 फरवरी 2023 को संसद में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री और अदाणी के रिश्तों के सवाल के बाद 16 फरवरी 2023 को शिकायतकर्ता ने न्यायालय से उक्त मामले पर स्टे हटवा दिया। 23 मार्च 2023 ट्रायल कोर्ट ने राहुल को दोषी ठहराया और 2 साल की अधिकतम सजा सुनाई।
24 मार्च को लोकसभा सचिवालय ने राहुल को 24 घंटे के भीतर अयोग्य घोषित कर दिया। अब उन्हें सरकारी आवास खाली करने का भी नोटिस दिया गया है। संसद में अदाणी पर राहुल के भाषण के नौ दिन के भीतर यह सारा घटनाक्रम किया गया।
यह स्पष्ट करता है कि मोदी नहीं चाहते कि अदाणी के साथ उनके संबंधों को उजागर किया जाए। मोदी सरकार जेपीसी से क्यों डर रही है। 1992 में हर्षद मेहता मामले की जांच के लिए जेपीसी गठित हुई थी और 2001 में केतन पारेख मामले की भी जेपीसी ने जांच की थी। अदाणी के पास कहां से इतनी बड़ी राशि आई है, इसका किसी के पास जवाब नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा की दीर्घकालीन योजना का हिस्सा है, जो सवाल करता है उसे चुप करा दिया जाता है। भाजपा धोखेबाजों को क्यों बचा रही है। हाल ही में वैश्विक शेयर सूचकांक ने अदाणी समूह की कंपनियों को निलंबित कर दिया है।
राहुल गांधी ने हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है। हम अपनी वैचारिक लड़ाई जारी रखेंगे। बुधवार को देशभर में 34 पत्रकार वार्ताएं की जाएंगी। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला, योगेश साहनी, मनमोहन सिंह और रवींद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।