एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी का मानना है कि जम्मू संभाग में एम्स स्थापना को लेकर चल रहे आंदोलन का मुख्य कारण पीडीपी-भाजपा का गठबंधन एजेंडा है।
एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसीडेंट अभिनव शर्मा ने प्रेस क्लब के सामने धरना स्थल पर कहा कि कितने दुख की बात है कि सरकार बनने से पहले ही भाजपा ने कश्मीर में एम्स स्थापना की पीडीपी की मांग को स्वीकार कर लिया और चुनाव पूर्व एजेंडे में शामिल कर लिया।
शर्मा ने कहा कि छह दिनों के जम्मू बंद को सिर्फ इसलिए स्थगित नहीं किया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय से जमीन निशानदेही का निर्देश आया था, बल्कि शहर के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि एम्स कमेटी ने सिर्फ बंद स्थगित किया है, आंदोलन समाप्त नहीं किया है। कमेटी चेयरमैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में एम्स का वादा पूरा नहीं किया गया, तो कमेटी आंदोलन को नए रूप में पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद यदि भाजपा ने अधिसूचना जारी नहीं की तो पैदा होने वाली परिस्थितियों के लिए भाजपा जिम्मेदार होगी।
रिटायर्ड सेशन जज और जेपीपीएफ के प्रेसीडेंट पवित्तर सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एसीसी आज भी पूर्व की तरह एकजुट होकर खड़ी है और एम्स हासिल करने के लिए कोई भी मौका नहीं छोड़ेंगे।