आरईटी शिक्षकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट मामले पर शिक्षा मंत्री नईम अख्तर के बयान की लगातार निंदा हो रही है। जम्मू कश्मीर टीचर फोरम जम्मू ने बयान का विरोध करते हुए कहा कि जो आरईटी शिक्षक फर्जी डिग्री लेकर काम कर रहे हैं, उनका स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जाए। सभी आरईटी शिक्षकों के स्क्रीनिंग टेस्ट लेने की क्या जरूरत है।
फोरम के राज्य महासचिव गणेश खजूरिया ने टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर में प्रेस वार्ता में कहा कि आरईटी शिक्षकों के स्क्रीनिंग टेस्ट के जरिए सरकार शिक्षकों को प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। शिक्षक समुदाय इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं करेगा।
आरईटी शिक्षक दूरदराज ग्रामीण इलाकों में दस वर्ष से भी ज्यादा समय से काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री का उनकी प्रतिभा पर सवाल खडे़ करना गलत है। अगर कोई आरईटी शिक्षक फर्जी डिग्री लेकर काम कर रहा है तो उसकी जांच कराई जाए और स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के शिक्षकों को भी महीनों से वेतन नहीं जारी किया गया है। वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं।
फोरम की मांग है कि शिक्षकों का रोका गया वेतन जल्द जारी किया जाए। कई स्कूलों में मिड-डे-मील का भी भुगतान नहीं किया गया है। वर्ष 2014 में सरकार ने 1100 शिक्षकों को प्रमोट उन्हें मास्टर बनाया था, लेकिन 165 शिक्षकों को ही इसका लाभ मिला।
बाकी के शिक्षकों को लाभ नहीं मिल सका। उनकी सरकार से मांग है कि जल्द लंबित मांगों को पूरा किया जाए। इस मौके पर जिला प्रधान दर्शन कुमार शर्मा, राजेंद्र गुप्ता, गोपाल सिंह व अन्य कई मौजूद थे।