केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री आरवी कठारिया ने एम्स मुद्दे को जानबूझ कर तूल देने का मामला बताया। उनके अनुसार एम्स कश्मीर के लिए ही था। जम्मू के लिए आईआईटी और आईआईएम था। इस विवाद को जानबूझ कर तूल दिया जा रहा है।
उधमपुर में भाजपा के जन कल्याण पर्व की शुरुआत करने आए केंद्रीय मंत्री आरवी कठारिया ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अगर जरूरत होगी तो जम्मू में भी एम्स दिया जाएगा। धारा 370 और अलगाववाद पर पार्टी ने अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ा है।
अलगाववाद पर समझौता नहीं होगा, क्योंकि अलगाववादी किसी के हितैषी नहीं हैं। लोग महंगाई से अभी भी ग्रस्त हैं। मोदी सरकार से अब एक साल का ही लेखा-जोखा लिया जा रहा है। सरकार ने एक साल में बदलाव के दावे नहीं किए थे। उन्होंने 60 महीने में सभी वादे पूरे करने का समय मांगा था।
एक साल में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। महंगाई अगर है तो केवल प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान से है। शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन के काम किए जा रहे हैं। देश में बेहतर शिक्षक उपलब्ध हो सके, इसके लिए विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
देविका को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि नदियों का महत्व केवल अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी ही जान सकते हैं। देविका का भी विकास किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार के एक साल पूरा होने की उपलब्धियां भी गिनाईं।