अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू में चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां एक 34 वर्षीय महिला की पहली सफल सतही पैरोटिडेक्टॉमी सर्जरी की गई, जिसमें दाहिने पैरोटिड ग्रंथि से एक ट्यूमर हटाया गया। इस सर्जरी में महिला रोगी को प्लेमॉर्फिक एडेनोमा का निदान किया गया था, जो एक सामान्य प्रकार का ट्यूमर है।
सर्जिकल टीम ने चेहरे की तंत्रिका को सावधानीपूर्वक संरक्षित करते हुए ट्यूमर को निकालने का निर्णय लिया, जो कि पैरोटिड सर्जरी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। सर्जिकल प्रक्रिया में शामिल चिकित्सा विशेषज्ञों में डॉ. अमरदीप सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. पूजा रानी (वरिष्ठ रेजिडेंट), डॉ. सुनाना गुप्ता, डॉ. श्रुति शर्मा (अतिरिक्त प्रोफेसर), डॉ. रक्षा कुंडल (एसोसिएट प्रोफेसर), और डॉ. संदीपिका डोगरा (सहायक प्रोफेसर) शामिल थे। इनकी सहायता के लिए एक एनेस्थीसिया टीम और नर्सिंग अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस सफल सर्जरी को विशेष रूप से प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपहार के रूप में समर्पित किया गया, जिनके विजन में एम्स जम्मू की स्थापना की गई थी। प्रो. (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता, एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक और सीईओ, ने कहा कि यह सर्जरी न केवल अस्पताल की क्षमताओं को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा को भी उच्चतम मानकों पर लाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
इस उपलब्धि के साथ, एम्स जम्मू ने एक बार फिर से साबित किया है कि यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित है।