सांबा/आरएस पुरा। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले से क्षेत्र के किसानों में खुशी है। शुक्रवार को जिले में जगह-जगह जश्न मनाकर मिठाइयां बांटी गईं। वापिस लेने के फैसले का कई सगठनों ने इस फैसले की सराहना की है।
आरएस पुरा में किसान नेता कामरेड स्वरूप सिंह ने कहा कि केंद्र की सरकार को पहले ही इन कानूनों को वापस लेना चाहिए था। आज गुरु परब पर प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार देश के लोगों को संबोधित किया उससे देश को एक नई ताकत मिलेगी। उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले किसानों का नमन किया। सरपंच सरताज सिंह लाडा ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय सराहनीय है। प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्या को आगे भी सुलझाए जाएंगे। केंद्र सरकार उम्मीद है कि किसानों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएं। प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, यह उनका बड़प्पन है। पूर्व सरपंच स्वर्ण लाल भगत ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश परब की बहुत बधाई। ऐसे पवित्र दिन पर तीनों कृषि कानून वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आभार जताते हैं। अगर किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने पर देश में किसानों की आत्महत्या करने के मामलों में काफी कमी आई है। कहा कि प्रधानमंत्री ने तीनोें कानून वापस लेने के फैसले से किसान वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
सांबा कसबे के किसान वजीर सिंह, विनोद कुमार का कहना है कि सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। बीडीसी चेयरमैन विजय टंगोत्रा ने कहा कि कृषि कानूनों से किसानों की जमीन खोने की चिंता थी। पूर्व सरपंच जगराम का कहना है कि जो कानून किसानों को सही नहीं लग रहा था, उसे लागू क्यों करना था। सरकार को पहले यह निर्णय लेना चाहिए था। समाजसेवी रीना चौधरी का कहना है कि मोदी सरकार का यह र्निणय सही है। पंगदौर और रैपर में भी किसानों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
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किसानों को मुफ्त बिजली
दे सरकार : कामरेड किशोर
मीरां साहिब। क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक कमेटी के सदस्यों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड किशोर कुमार ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार को यह फैसला पहले ले लेना चाहिए था। कहा कि आखिरकार सरकार को किसानों के आगे झुकना ही पड़ा। अभी भी कुछ ऐसी मांगे हैं जिन पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, जिसमें निशुल्क बिजली मिले, इसके लिए सरकार को कानून बनाने की जरूरत है। इसके अलावा किसानों को खाद बिजली और डीजल सब्सिडी देने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। इस दौरान रिटायर्ड सूबेदार बाबा राम, सुभाष डोगरा, सतपाल, तिलक राज आदि मौजूद थे। संवाद
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कृषि कानून वापस लेकर मोदी
सरकार ने दी राहत : चिब
अखनूर। जम्मू-कश्मीर किसान एडवाइजरी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष दलजीत सिंह चिब ने किसान बिलों को वापस लेने का स्वागत किया है। कहा कि केंद्र सरकार ने विश्वास में लेकर निर्णय लिया है, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों, और जरूरतमंद लोगों की समस्या के समाधान के लिए हमेशा सही कार्य किया है। यह बड़ा फैसला लेकर किसानों को राहत दी गई है।
किसान बोधराज ने कहा कि इस फैसले से किसानों को एक साल के संघर्ष के बाद राहत मिली है। अब किसान अपनी मर्जी से खेतीबाड़ी कर अपने निर्णय खुद ले सकेंगे। समाजसेवी मोहन लाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा एक तरफ तानाशाही निर्णय से देश को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अगर सरकार की ओर से पहले ही किसानों से बातचीत कर यह मसला सुलझाया होता तो इतनी परेशानी न उठानी पड़ती। संवाद