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धान की रोपाई के लिए नहीं मिल रहा सिंचाई पानी, किसान निराश

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सांबा। इन दिनों किसान धान की रोपाई में जुटे हैं। किसानों को सिंचाई पानी की काफी किल्लत बनी हुई है। न तो नहरों में पानी है, न ही बारिश हो रही है। पंप सेट भी जवाब दे गए हैं। क्योंकि बिजली की कटौती हो रही है। किसान अमन चौधरी, सोम राज, सोहन सिंह आदि ने बताया कि इन दिनों किसान पशोपेश में हैं। क्योंकि बिजली का कोई समय नहीं है। कब बिजली आती है कब जाती है। अब तो बिजली के उपकरण भी जवाब दे रहे हैं। मोटर पंप के नहीं चलने से पानी की आपूर्ति ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में धान की रोपाई सूख रही है। खेत में दरारें पड़ रही हैं। किसान फसल को देख कर चिंतित हो रहे हैं। संवाद
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पानी की कमी से सूख रहे खेत
आरएस पुरा। उपजिले में किसानों की ओर से लगाई गई धान व मवेशियों का चारा खेतों में लगाए होने पर पानी की कमी से सूखने पर किसानों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान रामलाल का कहना है कि नहर विभाग की ओर से बाराबंदी करने पर किसानों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। धान व मवेशियों का चारा खेतों में लगा होने पर सूख रहा है।
उन्होंने कहा कि धान लगाए जाने के बाद अब नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान मोहन लाल ने कहा कि अगर इन दिनों बारिश हो जाए तो किसानों को इससे राहत मिल सकती है। भगवान इंद्र देव भी किसानों पर कृपा नहीं कर रहे। दूसरी ओर नहर विभाग द्वारा हाथ खडे़ करने के बाद अब बारबंदी करने पर किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हर वर्ष गर्मी के दिनों में पानी की कमी होती है, सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जाती कि किसानों को नहरी पानी सुचारु रूप से आपूर्ति हो सके। किसान दर्शन सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए दुहाई दी जाती है, लेकिन हालत यह है कि किसानों की जरूरतों को पूरा नहीं किया जाता। इन दिनों बिजली कटौती के चलते भी किसानों को दिक्कतें आ रही हैं। किसान नेता सुभाष दषगोत्रा का कहना है कि डीजल व खाद की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते किसानों की कमर तोड़ टूट गई है। सरकार को किसानों की दिक्कतों को देखते हुए समाधान करना चाहिए ताकि किसानों को खेतीबाड़ी करने पर दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों को नहरी पानी की आपूर्ति के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए ताकि फसल सूखने से बचाई जा सके।
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बिन बरसे लौट गए बादल
विजयपुर। बुधवार को बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। सिर्फ आंधी चली, जिस कारण किसान वर्ग बारिश की राह देखता ही रह गया। किसानों ने बताया कि जिस तरह से काले बादल छाए थे ऐसा लग रहा था कि बारिश होगी और खेतों में सिंचाई करने में मजा आ जाएगा, लेकिन बादल उड़ जाने के कारण मौसम साफ हो गया और हमारी आस ऐसे ही रह गई। क्योंकि इस समय धान की रोपाई चल रही है। हम लोगों को बारिश की बहुत जरूरत थी, लेकिन बादल देखने से हम लोगों को ऐसा लग रहा था कि काफी बारिश होगी। संवाद
भीषण गर्मी व सिंचाई के अभाव से नहीं मिल रही राहत
अरनिया। बीते करीब एक सप्ताह से लोगों को लू, उमस व भीषण गर्मी से निजात नहीं मिल रही है। इस बार धान फसल लगाने के लिए किसानों को भी खेतों में सिंचाई करना लगभग असंभव लग रहा है।
जानकारी के अनुसार करीब एक सप्ताह से लू, उमस व भीषण गर्मी से लोगों में है तौबा मची हुई है। यहां तक कि हर रोज सुबह दस बजे के बाद पसीने से तरबतर होकर लोगों को घरों में ही दुबकना पड़ रहा है। इसका असर किसानों पर भी पड़ना शुरू हो चुका है। देव राज, चंद्र मोहन, गरीब दास, इंद्र पाल, राकेश सैनी नरेश कुमार व तीर्थ सिंह आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि कृषि प्रधान क्षेत्र अरनिया में इस समय धान रोपाई का सीजन चल रहा है, मगर सिंचाई के अभाव से यह कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है। हालांकि कि बोरवेल व अन्य विकल्पों से थोड़ी सी रोपाई हो चुकी है, मगर अभी भी करीब अस्सी प्रतिशत रोपाई बारिश न गिरने की वजह से रुकी पड़ी है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की सलाह
अखनूर। पंचायत गिगरियाल और हमीरपुर में कृषि विभाग की तरफ से इफको-टोक्यो कंपनी के सहयोग से पीएमएफवीवाई के संबंध में बुधवार को शिविर लगाया गया। इस दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की सलाह दी गई। शिविर का आयोजन एसडीएओ एसके भट्ट और एईओ खुरश विंकल चिब के साथ एईए डॉ. बंदना भाऊ और राजिंदर सिंह की उपस्थिति में किया गया। संवाद
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