कृषि निदेशक केके शर्मा ने कहा कि दायरे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी है। पता लगाया जाएगा कि कितनी जमीन खेती योग्य है। खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रदेश में कृषि विभाग खेती का दायरा बढ़ाएगा और किसानों को सशक्त बनाएगा। इसके लिए अब कृषि योग्य भूमि का पता लगाया जाएगा और राजस्व विभाग के माध्यम से निशानदेही भी होगी। मौजूदा समय में हजारों एकड़ भूमि कृषि दायरे में आती है। मगर पता नहीं है कि यह भूमि कहां पर है और कितना अतिक्रमण है।
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ऐसे में भूमि का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अब विभाग की ओर से जमीन का पता लगाया जाएगा और यहां पर किसानों को फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, जमीन का पता लगाने के लिए ड्रोन की सहायता ली जाएगी।
इसके लिए भी कृषि विभाग ने गृह विभाग से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद राजस्व विभाग के साथ कृषि विभाग काम करेगा। इस मसले को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी। इसमें भी कृषि दायरे को बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। जहां पर पहुंचना मुश्किल है यहां पर ड्रोन की सहायता लेने के लिए कहा गया है।
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प्रदेश में खेती की अपार संभावनाएं हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश न होने पर हजारों एकड़ भूमि बंजर पड़ी है। ऐसी भूमि को भी खेती के दायरे में लाया जाएगा। यहां पर खेती कर किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ की जाएगी।