परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में गेहूं की फसल की कटाई के लिए पंजाब से कंबाइन मशीनों का पहुंचना शुरू हो गया है। इससे पहले लोग गेहूं की फसल की कटाई के लिए मशीनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
क्षेत्र गेहूं की पैदावार के लिए जाना जाता है। बहुत सारे किसान गेहूं की फसल की खेती करते हैं। इतनी फसल की कटाई करना किसानों के बस की बात नहीं होती। इसलिए किसान कंबाइन मशीन से ही कटाई कराना पसंद करते हैं। किसानों का कहना है कि मशीनों से कटाई कराने से पैसों के साथ-साथ समय की भी बचत होती है। वहीं मौजूदा समय क्षेत्र में करीब 10 मशीनें पहुंचने से किसानों ने राहत की सांस ली है। लोगों के अनुसार अगले दो-तीन दिन में 15 से 20 मशीनें क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है, जिससे एक-दो दिन के बाद कटाई में तेजी आने की संभावना है। क्षेत्र के किसानों का कहना था कि वह गेहूं की फसल जल्दी से जल्दी समेटना चाहते हैं। क्योंकि पिछले सीजन में गेहूं की खड़ी फसल को आग लगने की काफी घटनाएं हुई थीं।
कंबाइन मशीनों के आने से किसानों को मिली राहत
सांबा। सीमावर्ती क्षेत्रों में कंबाइन मशीनों के पहुंचने से किसानों को राहत मिली है। किसानों के अनुसार इन दिनों आग लगने की घटनाएं अधिक हो रही हैं। ऐसे में उन्हें हमेशा डर लगा रहता है। किसान गोपाल दास, संदीप सिंह, सोहन सिंह आदि ने बताया कि उनके क्षेत्र में आज ही कंबाइन मशीनें पहुंची हैं। इससे किसान काफी राहत महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार हर वर्ष गेहूं की फसल की कटाई के दौरान किसानों को आग का शिकार होना पड़ता है। सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल हर वर्ष आग की भेंट चढ़ जाती है। ऐसे में समय पर किसान की फसल घर पहुंच जाए तो किसान राहत महसूस करते हैं। अब कंबाइन मशीनें पहुंच गई हैं। कुछ दिनों के भीतर ही गेहूं की फसल को किसान समेट लेंगे व उनके अंदर बना हुआ डर भी समाप्त हो जाएगा। संवाद
किसान जागरूकता शिविर लगाया
आरएस पुरा। निदेशालय पशुपालन विभाग के निर्देश पर पशुधन विभागीय योजनाओं से जागरूक करने के लिए गांव कल्याणा में मंगलवार को शिविर लगाया गया। शिविर में पशु चिकित्सा के सहायक सर्जन अश्विनी बसन ने किसानों को गर्मी में मवेशियों के रोगों की रोकथाम, इलाज और प्रबंधन के बारे में जागरूक किया।
पशुओं का समय पर टीकाकरण, कृमि मुक्ति और उपचार करने के लिए लक्षण देखे जाने पर वेटरनरी विभाग में नियुक्त डॉक्टरों को जानकारी देने के लिए कहा। ताकि समय रहते मवेशियों का उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में जरूरत के मुताबिक पानी पिलाने के साथ मवेशियों का नहलाना चाहिए, ताकि गर्मी से राहत मिल सके। इस दौरान किसानों को योजनाओं को अपनाने के लिए भी प्रेरित और शिक्षित किया, जिससे ग्रामीण जनता की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सके। शिविर में मौजूद किसानों के बीच मुफ्त दवाइयां वितरित की गई। इस दौरान शिविर में कई किसान मौजूद थे। संवाद