फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काले गेहूं की किस्म की खेती करने की शुरुआत

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्यौड़ियां। काले गेहूं की किस्म की खेती करने की शुरूआत खौड़ के गांव पगांली निवासी एक किसान रिंकू खजूरिया ने शुरू की है। किसान रिंकू खजूरिया और उनके पिता अशोक खजूरिया के अनुसार उन्होंने इस बार छह कनाल जमीन पर काले गेहूं की खेती की। अगली बार इससे भी ज्यादा करने का लक्ष्य है।
विज्ञापन

किसान ने बताया कि वर्ष 2020 में लाकॅडाउन के बाद जब हम खाली थे तो यूट्यूब से यह आइडिया आया कि काले गेहूं की खेती की जाए। क्योंकि वह खाने में अच्छा और लाभदायक है। किसान अशोक खजूरिया ने बताया कि हमने इससे पहले नाम भी नहीं सुना था। इस बार हमने ऑनलाइन काले गेहूं का बीज मंगवाया और छह कनाल पर बिजाई की। इसकी पैदावार छह कनाल से 13 क्विंटल हुई और बाजार में इस गेहूं की मांग भी काफी है। काले गेहूं में सामान्य गेहूं की तुलना में लगभग 60 % अधिक आयरन एकाग्रता होती है। हालांकि प्रोटीन, पोषक तत्व की मात्रा समान रहती है। इस फसल में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, जिंक, आयरन सामान्य गेहूं के मुकाबले में अधिक पाए जाते हैं। बताया जाता है कि इस गेहूं के आटे से बनी रोटी खाने से कैंसर और शुगर से लड़ने की क्षमता बढे़गी और मोटापा कम होता है। एसिडिटी से भी छुटकारा मिलता है।
काले गेहूं की फसल को क्षेत्र के अन्य किसान भी देखने के लिए किसान अशोक खजूरिया के घर आ रहे हैं। अगली बार बीज खरीदने की बात कर रहे हैं और अगली बार वह भी इस गेहूं की खेती करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें