फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हस्तशिल्प और हथकरघा से जुड़े कारीगर ऑनलाइन बेच पाएंगे उत्पाद

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े कारीगर और बुनकर अब अपने उत्पाद ऑनलाइन देश भर में बेच पाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने फ्लिपकार्ट से समझौता किया है। वीरवार को उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में प्रदेश हथकरघा और हस्तशिल्प निगम निदेशक हसमत अली और फ्लिपकार्ट समूह के मुख्य कोरपोरेट मामलों के अधिकारी रजनीश कुमार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत छह महीने के लिए फ्लिपकार्ट कारीगरों और बुनकरों से कोई शुल्क नहीं लेगा। इसके बाद आपसी समझौते के तहत मामूली शुल्क लगाया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े लोगों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए सरकार यह फैसला लिया है।
विज्ञापन

इस दौरान उप-राज्यपाल ने कहा कि फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के साथ साझेदारी से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और बुनकरों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए लिए उचित अवसर प्रदान करेगा। शुरूआत में इस टाई-अप को पेपर-माचे, वॉलनट क्राफ्ट गिफ्ट आइटम, शॉल और स्टोल, एम्ब्रायडरी-अप और नमदा रग्स, चैन स्टिच वॉल हैंगिंग, विलो विकर, गब्बा जैसे दर्जनों उत्पादों को कवर करना है। इसके बाद कई और शिल्प वस्तुओं को भी जोड़ा जाएगा।
बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी
सरकार की इस सार्थक पहल से बिचौलिये की भूमिका को काफी हद तक खत्म किया जा सकेगा। इससे कारीगर लाभान्वित होंगे और उनके उत्पादों की बिक्री की आय सीधे उनके खातों में पहुंचेगी। फ्लिपकार्ट के रजनीश कुमार ने कहा, यह समझौता हजारों कारीगरों को आगे बढ़ने में सक्षम करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें