सेना में अग्निपथ योजना का विरोध प्रदेश में कई जगह दूसरे दिन भी जारी रहा। जम्मू के कुंजवानी में युवाओं ने प्रदर्शन किया। सड़क जाम करने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने हलका बल प्रयोग किया तो गुस्साए युवाओं ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान एक राहगीर के सिर पर चोट लग गई, जिसे अस्पताल पहुंचाया गया।
खदेड़ने के दौरान कई युवा पार्क की ग्रिल से चिपके रहे। पुलिस ने कई युवाओं को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में छोड़ दिया। वहीं, कठुआ में कालीबाड़ी चौक से लेकर जीएमसी तक युवाओं ने हाईवे पर रोष रैली निकाली। इस दौरान आंशिक रूप से हाईवे पर आवागमन भी अवरुद्ध रहा।
जम्मू के कुंजवानी में प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने भाजपा मुर्दाबाद और मोदी सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार इस योजना को शुरू कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इससे पहले सेना में एक सैनिक 17 वर्ष तक नौकरी कर सकता था, लेकिन अब सरकार ने नौकरी के लिए आयु सीमा 17 से 21 वर्ष रखी है।
सरकार की इस योजना ने युवाओं का मनोबल तोड़ा है। प्रदर्शनकारी युवा अंकुश, कार्तिक शर्मा और सुनील ने कहा कि सरकार ने सेना में भी ठेकेदारी प्रथा शुरू कर दी है। ऐसी योजना से देश का सुरक्षा तंत्र कमजोर होगा। नरेश और महेंदर ने कहा कि इस योजना को वापस लिया जाए।
वीरेंद्र और सुरेश ने कहा कि वह सेना में भर्ती के लिए शारीरिक टेस्ट पास कर चुके हैं, लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा नहीं ली गई। उन्होंने योजना को वापस लेने तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी।
शिवसेना ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध किया है। प्रदेश अध्यक्ष मुनीश साहनी ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला विपक्ष को विश्वास में लेकर नहीं लिया गया है। इससे पहले भी कई मामलों में विपक्ष का समर्थन नहीं लिया गया। देश में स्थिति बिगड़ती जा रही है।