सांबा। केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक गांव में हर सुविधा देने के दावेे किए जा रहे हैं, लेकिन अज भी कुछ ऐसे गांव हैं जहां मोबाइल का सिगनल नहीं है। लोगों को बात करने के लिए कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
जिले के महौरगढ पंचायत के चिलढंगा निवासी प्रदीप सिंह, सुरमीत सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव में किसी भी मोबाइल कंपनी का टावर नहीं है। आज के युग में जहां देश के गांवों को डिजिटल करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन उनके गांवों में मोबाइल सिगनल तक नहीं है। यदि उन्हें किसी रिश्तेदार से बात करनी होती है तो कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। आनलाइन शिक्षा को लेकर भी उनके बच्चे परेशान हैं। बच्चों को रिश्तेदारों के घरों में भेजा गया है। ऐसे में कैसे गांवों को डिजिटल बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस बाबत जिला प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। संवाद