फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भवन निर्माण के लिए पंचायत से एनोसी लेने पर बसपा का प्रदर्शन

विज्ञापन
निर्माण कार्य में पंचायतो को अधिकार देने पर प्रदर्शन करते वसपा के लोग - फोटो : RSPURA
विज्ञापन
आरएस पुरा। केन्द्र शासित प्रदेश की सरकार की तरफ से पिछले दिनों आदेश जारी कर ग्रामीण क्षेत्र में मकान या अन्य निर्माण कराने की अनुमति सरपंच, पटवारी तथा तहसीलदार से लेनी जरूरी होने पर बसपा द्वारा विरोध- प्रदर्शन किया गया। सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
विज्ञापन

गांव स्लैड में विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सरपंच तिलक राज भगत कर रहे थे, जबकि प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। इस मौके पर बसपा के वरिष्ठ नेता तिलक राज भगत ने कहा कि सरकार ने इस तरह का कानून लाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम किया है । उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला जनता के हित में नहीं है और इससे आम व्यक्ति की परेशानी बढ़ेगी । उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को पहले ही कोई छोटा सा काम कराना हो तो विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं ऐसे में अब सरकार ने नया कानून लाकर लोगों पर बोझ डाला गया है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करती है और चेतावनी देती है कि अगर जल्द से जल्द सरकार ने अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा और आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपने इस जनता विरोधी फैसले को वापस नहीं ले लेती । इस मौके पर पूर्व पंच बोध राज भगत, अशोक कुमार राज कुमार सहित काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
मकान दुकान निर्माण की मंजूरी लेने पर बढ़ेगा भ्रष्टाचार
अखनूर। सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र में मकान और दुकान निर्माण के लिए गठित कमेटी की मंजूरी लेने पर क्षेत्र के लोग इस आदेश के खिलाफ आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे आदेश से ग्रामीण क्षेत्र में परेशानी और भ्रष्टाचार बढ़ेगा।
विज्ञापन

आल इंडिया बराल बिरादरी के अध्यक्ष मंगल बराल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोग गरीब हैं, जिसमें सरकारी, शामलात और कॉसडोमे भूमि है। ऐसे में ग्रामीण परिवार को मकान बनाने के लिए मंजूरी मिल नहीं सकती। जबकि पहले बिना मंजूरी के ही किसान और गरीब परिवार मकान या कुल्ला बना लेता था। यह आदेश गरीब और किसान परिवार के विरुद्ध है।
सरपंच शमशेर सिंह ने बताया कि इस आदेश से सरकार द्वारा निर्धारित फीस देनी होगी। जबकि इसकी मंजूरी के लिए लोगों को भटकना पडे़गा। सरकार के आदेश पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में रोष है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस आदेश को मंजूरी लेने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पडे़गा।
कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा ने बताया कि सरकार की तानाशाही आदेश पर ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और गरीब परिवार को मकान बनाने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पडे़गा। इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा, सरकार को चाहिए इस आदेश को तुरंत वापस ले।
केंद्र सरकार के नए कानून पर बरसे नेकां नेता
घगवाल। प्रशासन आम लोगों को निराश कर रही है। अब गांव में मकान बनाने के लिए जहां पटवारी, ब्लॉक सचिव व सरपंच से अनुमति लेनी होगी। वहीं मकान बनाने पर शुल्क भी बसूला जाएगा। इसका ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध किया जा रहा है। नेशनल कांफ्रेंस ब्लॉक घगवाल के कुलदीप वर्मा, सोहन लाल शर्मा, अमन कुमार आदि ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से बनाए जाने वाले कानून लोगों को नुकसान देने वाले हैं। पहले नगर परिषद के आधीन आने वाले लोगों को मकान बनाना होता था। तो कई-कई माह कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब गांवों में भी वही हाल होने जा रहा है। उन्होंने ने जम्मू-कश्मीर के एलजी से मांग उठाई है कि ऐसे कानून न थोपे जाएं अन्यथा नेकां सड़कों पर आने को मजबूर हो जाएगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें