अरनिया। कृषि प्रधान क्षेत्र अरनिया में इस समय धान की रोपाई का काम जोरों पर है। पानी की किल्लत से यहां एक बार फिर किसानों को रोपाई का कार्य रोकना पड़ रहा है। वहीं रोपाई की गई धान की फसल को सूखे की चपेट से बचाना भी चुनौतीपूर्ण हो रहा है। इसका मुख्य कारण नहर विभाग की गलत नीतियां बताई जा रही हैं।
इसी को लेकर शनिवार को अरनिया ब्लाक की पंचायत हल्का कूल पचेल के किसानों ने नहर में पानी की किल्लत व विभाग की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सरपंच सुभाष सैनी के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में कई किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भड़ास निकाली। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सरपंच सुभाष सैनी ने कहा कि नहर विभाग की नीतियां और सोच इतनी निमभन स्तर की हैं कि हर किसान इनको कोस रहा है। आज इनकी गलत नीतियों के कारण ही रोपी गई धान फसल सूख चुकी है। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है और दूसरी ओर नहरों में जलपूर्ति न करके किसानों को ही मार रही है। उन्होंने कहा कि करीब बीस वर्ष पूर्व अगर कोई नहर को काटता था तो उसका चालान काटा जाता था, मगर मौजूदा समय में अगर बरी का पानी टेल एंड तक भी न पहुंचे तो कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि हर वर्ष सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं मगर सफाई फिर भी नहीं होती। हम एक्सईएन से गुजारिश करते हैं कि यहां की नहर का मुआयना करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।