पीओके विस्थापित मानव श्रृखला वना विरोध- प्रदर्शन करते हुए
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मीरां साहिब। पीओके विस्थापितों ने हेरिटेज ट्रेन योजना के खिलाफ वीरवार को मानव श्रृंखला बवनाकर गांव टिंडेकला से कुल्लियां तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन संघर्ष समिति के बैनर तले किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व ओम प्रकाश खजूरिया ने किया।
खजूरिया ने कहा कि पीओके के विस्थापितों को अब एक और मार सहनी पड़ रही है। मानव श्रृंखला बना विरोध- प्रर्दशन कर रहे लोगों में महिलाएं, बच्चों व बुजुर्ग लोग भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के विभाजन के समय उनके पूर्वज अपना सब कुछ छोड़कर यहां आ गए। उस समय जम्मू-सियालकोट रेल मार्ग बंद हो गया था, उन्हें वहीं रहने के लिए कहा गया। अब 72 वर्षों बाद अपना आवास बना जीवन-यापन कर रहे हैं लेकिन अब हेरिटेज ट्रेन योजना का डीपीआर बनाए जाने पर पुराने रेल के रूट को बहाल करने पर विस्थापितों को एक बार फिर उजाड़ा जा रहा है। मानव श्रृंखला बना विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों में शामिल कामरेड स्वरूप सिंह ने कहा कि सरकार को कोई फैसला करने के पहले पीओके विस्थापितों का दर्द समझ कर ही लेना चाहिए ताकि वह एक बार फिर न उजडे़ं। अंकु श रैना ने कहा कि पहले ही पढे़ लिखे युवा वर्ग के लोगों के पास कोई साधन नहीं है, अगर सरकार ने कोई लचीला रुख नहीं अपनाया तो रेलवे पटरी पर रहने वाले पीओके व स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।