जयौडियां में बेरोजगार शारिरिक शिक्षक प्रदर्शन करते हुए।
ज्यौड़ियां। बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने मंगलवार को ज्यौड़ियां में राज्य प्रशासन से रहबर-ए-खेल योजना का दूसरा चरण जल्द जारी करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व ज्यौड़ियां निवासी बेरोजगार शारीरिक शिक्षक रीता शर्मा ने किया।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के अन्य कई बेरोजगार शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे। जिनमें बबीता कुमारी, रमण कुमार, मधु शर्मा, अनिल कुमार, अजय कुमार, सुनीता देवी ने कहा कि तीन साल पहले राज्य की पूर्व भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान रहबर-ए-खेल योजना के तहत शारीरिक शिक्षक डिग्री धारकों को रोजगार उपलब्ध कराते हुए पहला चरण लागू किया, जिसमें तीन हजार युवाओं को रहबर-ए-खेल योजना के तहत भर्ती किया गया और पूर्व गठबंधन राज्य सरकार ने शेष रहे डिग्री धारकों को आश्वासन दिया कि शेष रहे लोगों को भी जल्द भर्ती किया जाएगा, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद भी हम डिग्री धारक लोगों के बारे में प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई सोच-विचार नहीं किया जा रहा है। हम लोग इंतजार में हैं कि कब प्रशासन दूसरा चरण लागू करने की प्रक्रिया को शुरू करता है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही रीता शर्मा ने उपराज्यपाल से कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार खेलो इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है और दूसरी तरफ हम जैसी कई बेटियां जिन्होंने एमपीएड और एमफि ल की डिग्रियां ले रखी हैं और बेरोजगार घर पर बैठी हुई हैं। सरकार को समझना चाहिए कि हमारी अब आयु सीमा बढ़ रही है। हमें रोजगार देने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है।
रीता शर्मा ने कहा कि 2017 में जब भाजपा, पीडीपी की राज्य में गठबंधन सरकार थी तो रहबर-ए-खेल योजना के तहत सात हजार 311 पदों के लिए उम्मीवारों की भर्ती करनी थी। पहले चरण तो निकाल दिया अब हमारी यही मांग है कि जल्द से जल्द दूसरा चरण भी निकाला जाए ताकि जिन लोगों की आयु सीमा ओवर हो रही है उन्हें मौका मिल सके।