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नहर की सफाई कार्य को सरपंच और किसानों ने रुकवाया

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शहर की सफाई ठीक ना होने के कारण चक बनाके सरपंच सुरजीत सिंह चौधरी स्थानीय किसान सिंचाई विभाग के अध?
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बिश्नाह। गांव चकबाना में नहर की सफाई को लेकर सिंचाई विभाग और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग की तरफ से जेसीबी से कराई जा रही नहर की सफाई कार्य को रुकवा दिया। इसे लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों में काफी बहसबाजी हुई।
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चकबाना गांव में बुधवार को उस समय माहौल गर्म हो गया जब सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों की सफाई कराई जाने लगी। नहर की सफाई जेसीबी मशीन से कराई जा रही थी। इस बीच सरपंच सुरजीत चौधरी और उनके साथ सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने सिंचाई विभाग पर आरोप लगाया कि नहरों की सफाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है। नहरें गंदगी से भरी पड़ी हैं। किसानों और सरपंच ने नहर की सफाई के कार्य को बंद करा दिया और कहा कि सिंचाई विभाग नहरों की सफाई ठीक ढंग से नहीं करता। सफाई के नाम पर लीपापोती नहीं करने देंगे। इस दौरान उनकी सिंचाई विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर नसीब चंद से बहसबाजी भी हुई। लोगों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
चकबाना के सरपंच सुरजीत सिंह चौधरी ने कहा कि कई साल से नहर की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पाई है। उनकी पंचायत में अधिकतर किसान फसलों को नहर में फैली गंदगी के कारण सिंचाई नहीं कर पाते हैं। नहरों की सफाई किसानों का मूलभूत अधिकार है। सिंचाई विभाग हमें इस अधिकार से वंचित करता रहा है, जो बर्दाश्त नहीं होगा। ग्रामीणों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच हुए हंगामे की सूचना पुलिस को भी मिली तो पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और किसी तरह किसानों को शांत कराया। किसानों का कहना है कि वह नहर की सफाई अच्छी तरह कराएंगे अन्यथा जैसी है वैसी ही रहने दी जाएगी।
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