कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री और राज्यपाल
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रियासत में तमाम मुद्दों के लिए गठबंधन सरकार के एजेंडा आफ अलायंस को ही एकमात्र हल बताया है।
श्रीनगर में सांस्कृतिक अकादमी के कार्यक्रम में महबूबा ने कहा, भाजपा और पीडीपी के बीच तय हुआ एजेंडा आफ अलायंस रियासत की परिस्थितियों और मुद्दाें को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पर अमल हो जाए तो अवाम की परेशानियां अपने आप खत्म हो जाएंगी। दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा, मुफ्ती मोहम्मद सईद को एजेंडा आफ अलायंस पर पूरा भरोसा था। इसमें राज्य से अफ्स्पा हटाने, सुरक्षा बलों से भूमि खाली करवाने, बिजली परियोजनाआें की वापसी से लेकर जम्मू-कश्मीर समस्या के हल के लिए संवाद को तरजीह देने के पहलु शामिल किए गए।
महबूबा ने कहा, यह तय है कि इसके सिवाए दूसरा कोई विकल्प नहीं है तो फिर कब तक हम आपस में लड़ते रहेंगे। कब तक कश्मीरी मारे जाएंगे। कब तक बच्चों को खामियाजा भुगतना होगा। एजेंडा आफ अलायंस पर यदि आज अमल नहीं होता है तो आने वाले कल में करना होगा।
'पाकिस्तान का कमजोर लोकतंत्र सबसे बड़ी समस्या'
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती व अन्य
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महबूबा ने कहा, मुफ्ती साहब ने रियासत को अनिश्चितताओं से बाहर निकालने का सपना देखा। उनकी सोच में ईमानदारी और सच्चाई थी जिसे हकीकत में तब्दील करने के लिए सरकार की टीम कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, विभाजित जनादेश के बाद गठबंधन सरकार बनाने के पीछे रियासत और दिल्ली दोनों का नजरिया बदलने का मकसद था। मुफ्ती साहब, अमन के संदेश वाहक थे, जो तनातनी के कतई समर्थक नहीं थे।
महबूबा ने पाकिस्तान में कमजोर लोकतंत्र को सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान में लोकतंत्र फलफूल नहीं सका, जबकि लोकतंत्र मजबूत होता तो मुल्क तरक्की में आगे बढ़ पाता।