जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि यूपीए सरकार की ओर से संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को विवादास्पद तरीके से फांसी राजनीतिक कारणों से दी गई थी। रविवार को उमर ने कहां कि उन्हें फांसी की सूचना अंतिम समय में दी गई।
वह दिल्ली में उस वक्त अपनी बहन के साथ रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे, जब उन्हें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का फोन आया। शिंदे ने उमर को बताया कि उन्होंने कागजात पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और अगली सुबह गुरु को फांसी पर लटकाया जाएगा इसलिए वह न्याय और कानून व्यवस्था का बंदोबस्त करें।
उमर ने कहा कि मैंने उनसे पूछा कि वे निश्चित हैं कि अब कुछ नहीं किया जा सकता। इस पर शिंदे ने कहा कि नहीं अब मैंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और वारंट जारी हो चुका है और मुझे (उमर को) इसके प्रभावों से निपटने के लिए कहा। उमर ने कहा कि यह सच है भले ही हमें यह अच्छा लगे या नहीं लेकिन उसे राजनीतिक कारणों से फांसी दी गई।