नगरोटा स्थित सेना की 16वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निभोरकर का कहना है कि भारत-पाकिस्तान में नई दिल्ली में हुई वार्ता में सीजफायर पर सहमति बनने के बावजूद पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी करना समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोई तर्क भी नहीं हो सकता। सितंबर महीने में ही 17 बार सीजफायर उल्लंघन करने और एलओसी तथा सीमा से सटे ग्रामीणों को निशाना बनाने के संबंध में पूछ गए सवाल पर जीओसी ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा गोलाबारी में ग्रामीणों को निशाना बनाना अनैतिक है।
पुंछ जिले में एलओसी से सटे इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को निशाना बनाने के संबंध में पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी भी प्रोफेशनल आर्मी के द्वारा किया जाना उचित नहीं।
निंभोरकर ने कहा कि हमारी सेना नैतिक और पूरी तरह पेशेवर (प्रोफेशनल) है। पर अगर एलओसी के उस पार से गोलाबारी की जाती है तो हमें भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है।
पाकिस्तान की ओर से बार-बार गोलाबारी किए जाने के संबंध में जीओसी ने कहा कि इसके पीछे कोई तर्क अथवा कोई कारण उन्हें समझ नहीं आता। गोलाबारी की आड़ में पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने की मंशा के संबंध में पूछे जाने पर जीओसी ने कहा कि निश्चित ही इस कारण भी हमेशा से पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की जाती है।
पर बड़े हैरान करने वाली बात है कि यदि बीते दो-तीन वर्षों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि घुसपैठ को रोकने के लिए इतने पुख्ता बंदोबस्त हैं कि घुसपैठ नहीं हो पाई है और न ही हो पाएगी। इसलिए आतंकियों को कवर फायर देना तार्किक नहीं।