किसानों की मुश्किलें दूर होने का नाम नहीं ले रहीं। मौसम साफ होने के बाद भी गेहूं की फसल की चिंता सता रही है। क्षेत्र के किसान दलीप चंद, दिनेश्वर सिंह, युद्धवीर सिंह, रामलाल का कहना है कि बारिश से हमारी फसल दांव पर लग गई थी। सभी इंद्रदेव से राहत देने की प्रार्थना कर रहे थे।
बारिश तो रुक गई, लेकिन आंधी और तूफान ने फसल को जड़ से हिला दिया। इसकी वजह से धूप खिलने पर अब फसल सूखती जा रही है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल नाजुक होती है। बुवाई से लेकर फसल तैयार होने तक एक-दो बार ही सिंचाई करनी पड़ती है। लेकिन इस बार बुवाई के एक माह बाद से ही बारिश का कहर शुरू हो गया है।
किसानों का कहना है कि अभी भी कई खेतों में बारिश का पानी रुका है। ऐसे खेतों में पूरी फसल खराब होना तय है। जड़ें हिल जाने से भी गेहूं को नुकसान पहुंचा है। धूप खिलने पर अब येलोरस्ट का खतरा भी गेहूं पर मंडराने लगा है। किसानों का कहना है कि पाक गोलाबारी के कारण धान की फसल सूख गई थी। जान हथेली पर रखकर फसल को सींचा था।