एनआईए के सलाहुद्दीन के बेटे को दबोचे जाने से टेरर फंडिंग के संदिग्ध लोग भूमिगत होने लगे हैं। यही नहीं, जिन लोगों को एनआईए ने पहले से पेश होने के लिए समन जारी किए हैं, वह भी पेश होने से कतराएंगे। क्योंकि, पिछले कुछ मामलों में सामने आया है कि जो कोई समन पर पेश होने जाता है, एनआईए उसे गिरफ्तार कर लेती है। सलाहुद्दीन के बेटे के पकड़े जाने से बड़ी मछलियों के बीच कड़ा संदेश गया है।
अलगाववादियों और उनके परिवार के सदस्य, घाटी के बड़े कारोबारी और जम्मू के कुछ कारोबारी और अलगाववादियों से संपर्क रखने वालों को एनआईए ने कई बार समन जारी कर पूछताछ की है। इसके अलावा कई संदिग्ध भी एनआईए की रडार पर हैं। ऐसे में यह सब भूमिगत होने लगे हैं। क्योंकि, इन लोगों को लगता है कि अब उनकी खैर नहीं। यदि हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सलाहुद्दीन के बेटे को गिरफ्तार किया जा सकता है, तो एनआईए किसी को भी दबोच सकती है।
यही नहीं, अब समन पर एनआईए के पास पेश होने पर यह लोग कतराएंगे, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। हाल में जम्मू एनआईए कार्यालय समन सुनने पहुंचे दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। शब्बीर शाह को भी समन के दौरान पकड़ा गया था। अब सलाहुद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ को पकड़ा गया है। सूत्रों का कहना है कि एनआईए टेरर फंडिंग में अब और अधिक सख्ती से कार्रवाई करेगी, ताकि इस पर जल्द अंकुश लगाया जा सके।