जम्मू कश्मीर लोकसभा चुनाव रिजल्ट
- फोटो : बासित जरगर
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार हुए लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने दो सीटें हासिल कर अपनी साख तो बचा ली है, लेकिन उसके मत प्रतिशत में लगभग आधे की गिरावट दर्ज की गई है। यह पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। यदि सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित तिथि सितंबर के पहले विधानसभा चुनाव कराए जाते हैं तो बेहतर प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण होगा। कांग्रेस का भी मत प्रतिशत घटा है, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ा है।
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 2019 की तुलना में भाजपा का मत प्रतिशत लगभग 22 प्रतिशत घटा है। अभी पार्टी को 24.36 फीसदी मत मिले हैं, जबकि 2019 में 46.39 प्रतिशत। भाजपा अपनी दोनों सीटें उधमपुर और जम्मू को बचाने में कामयाब रही। कांग्रेस उधमपुर व जम्मू में मैदान में थी। दोनों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। उसे 19.38 प्रतिशत वोट मिले और 2019 की तुलना में उसे लगभग नौ फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है।
कश्मीर आधारित पार्टियों के मत प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। नेकां को लगभग 15 और पीडीपी को पांच फीसदी का फायदा हुआ है। नेशनल कॉन्फ्रेस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भले चुनाव हार गए हों लेकिन उन्हें 22 फीसदी मत मिले हैं, जो पिछले चुनाव में लगभग आठ फीसदी थे। पीडीपी को इस बार 8.48 फीसदी मत हासिल हुए हैं, जो पिछले चुनाव में 3.40 फीसदी थे। राजनीतिक विश्लेषक प्रो. हरि ओम का कहना है कि मत प्रतिशत गिरना भाजपा के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्हें इसके कारण तलाशने चाहिए और जम्मू से जुड़े मुद्दों पर अपने को केंद्रित करना चाहिए ताकि वह पुरानी स्थिति को प्राप्त कर सकें।
2024 में पार्टियों को मिले मत.. पार्टी/मत
- भाजपा-1244404
- कांग्रेस-990182
- नेकां-1139084
- पीडीपी-433049
- निर्दलीय व अन्य-1223161