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मंत्री के इस्तीफा के बाद पीएचई कर्मियों का हंगामा

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पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा के इस्तीफा देने के बाद पीएचई इंप्लाइज एसोसिएशन के सदस्यों ने शनिवार दोपहर को मंत्री का समर्थन किया और साथ ही एकजुट होकर राज्य सरकार के वित्तमंत्री के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार के भेदभाव से परेशान होकर मंत्री ने इस्तीफा दिया है।
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दोपहर बाद प्रदर्शन के दौरान विजय शर्मा, सूर्य प्रकाश, जगदीश मगोत्रा, चरण दास और अन्य ने बताया कि वित्तमंत्री की लापरवाही के कारण ही पीएचई मंत्री को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा है। बार-बार मंत्री की तरफ से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग को वित्तमंत्री के सामने रखा गया।

वित्तमंत्री ने कश्मीर के नौ हजार अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने का ऐलान कर दिया, लेकिन जम्मू प्रांत के किसी भी कर्मचारी को स्थायी नहीं बनाया गया। लगातार जम्मू के साथ भेदभाव होता रहा और वित्तमंत्री कश्मीर के हित के लिए कार्य करते रहे।
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पीएचई मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याओं को समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन राज्य सरकार ने उनका सहयोग नहीं किया। इसलिए उनको इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा। सभी वित्तमंत्री की कार्यप्रणाली का कड़ा विरोध करते हैं और चेतावनी देते हैं कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने धोखा देने का आरोप लगाया

पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा के इस्तीफे पर पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन भड़क उठी है। इस प्रकरण को एसोसिएशन ने मंत्री की ड्रामेबाजी बताई। शनिवार को एसोसिएशन की बैठक में जिला महासचिव विपिन दुबे ने कहा कि शाम लाल ने मंत्री पद से इस्तीफा देकर अस्थाई कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि उनको पता था कि शनिवार को विधानसभा चुनाव का ऐलान हो जाएगा। कुछ दिन के बाद आचार संहिता भी लागू कर दी जाएगी। वह कुछ नहीं कर सकते हैं।

करीब दस महीने पहले शाम लाल शर्मा ने उधमपुर पहुंच कर सभा कर ऐलान किया था कि चंद दिनों में सीपी वर्कर्स को वेतन जारी कर दिया जाएगा और जल्द ही अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी एक भी मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद करीब तीन महीने पहले जब उनकी एसोसिएशन ने पूरे प्रांत में काम छोड़ हड़ताल की थी तो मंत्री ने सप्ताह के अंदर मांगें पूरी करने का लिखित आश्वासन देकर हड़ताल बंद करवाया था।

हर बार शाम लाल शर्मा ने पीएचई कर्मचारियों के साथ धोखा किया। जब चुनाव नजदीक आए तो राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए अपना इस्तीफा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया। इसके लिए मंत्री की जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि गरीब अस्थाई कर्मचारियों की मांगों की तरफ ध्यान दें।
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