श्रीनगर का कोई युवा अब आतंकवादियों की सूची में नहीं है। सूची में शामिल लश्कर कमांड इशफाक रशीद खान को शनिवार को मुठभेड़ में सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराने के बाद आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने रविवार को पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडर पर यह जानकारी दी।
कश्मीर पुलिस ने दावा कि श्रीनगर के बाहरी इलाके रणबीर गढ़ क्षेत्र में शनिवार को सोझीठ क्षेत्र निवासी लश्कर कमांडर इशफाक रशीद खान के अपने साथी पुलवामा निवासी एजाज अहमद भट के साथ मारे जाने के बाद श्रीनगर के रहने वाले सभी आतंकी मारे जा चुके हैं। इशफाक श्रीनगर जिले का रहनेवाला अकेला आतंकी बचा हुआ था, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी। 1990 के दशक के बाद श्रीनगर जिले के कई आतंकी कश्मीर में सक्रिय में थे परंतु अब इनका पूरी तरह सफाया किया जा चुका है। पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है। स्थानीय आतंकियों की सक्रियका से इनके हैंडलर इस ग्रीष्मकालीन राजधानी में अपनी नापाक गतिविधियों को आसानी से अंजाम देते थे। इनके मारे जाने से दहशतगर्दों का स्थानीय लिंक ध्वस्त गया है।
बेमिना से लापता स्कॉलर को आतंकी सूची में नहीं
पुलिस ने बताया कि 16 जून 2020 को बेमिना से लापता पीएचडी शोधार्थी हिलाल अहमद डार को फिलहाल आतंकियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। उससे बारे में अभी और सुराग तलाशे जा रहे हैं। वह अपने चार दोस्तों के साथ गांदरबल जिले के नारनाग घूमने के लिए गया था। वहां से उसके दोस्त लौट आए थे परुंत हिलाल नहीं लौटा था।
श्रीनगर आते-जाते रहते हैं आतंकी
हाल ही में आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा था कि श्रीनगर शहर कभी भी आतंकवाद से मुक्त नहीं होगा क्योंकि इस शहर में घाटी के अन्य जिलों से आतंकियों का आना जाना लगा रहता है। इस शहर का उपयोग आतंकी बैठक करने, इलाज कराने और पैसा एकत्र करने के लिए करते हैं।