किश्तवाड़ में आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद प्रशासन ने जिले के सभी घरों का सर्वे कराने का फैसला किया है। सर्वे का काम 30 अप्रैल तक पूरा कर लेने को कहा गया है। साथ ही सभी मकान मालिकों को हिदायत दी गई है कि बिना वेरिफिकेशन के किसी भी किराएदार को न रखा जाए।
डीडीसी अंग्रेज सिंह राणा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी मकान मालिक या किराएदार ने रजिस्ट्रेन प्रक्रिया में रुकावट डालने की कोशिश तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसीआर व एक्जीक्यूटिव अफसर, म्यूनिसिपल कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वे निकाय तथा पंचायत सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी इलाकों का सर्वे करें। यह काम 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरा कर लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सर्वे लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर किया जा रहा है। साथ ही शहर में बढ़ते अपराध पर निगरानी करने की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी हिदायत दी है कि सर्वे में सभी सूचनाएं स्पष्ट होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित हुआ था किश्तवाड़
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ को एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया था। पिछले साल एक नवंबर को भाजपा के राज्य सचिव अनिल परिहार तथा उनके भाई अजीत परिहार की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। गत नौ अप्रैल को जिला अस्पताल में आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा व उनके गार्ड की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। कुछ दिनों पहले डीसी के पीएसओ की सरकारी राइफल भी आतंकी लूट ले गए थे।