अलबद्र से जुड़ा आतंकी खुर्शीद अहमद मलिक एसआई (एक्जीक्यूटिव विंग) की परीक्षा में भी पास निकला। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से इस परीक्षा का नतीजा घोषित किया। खुर्शीद बीटेक पास था, जिसने मारे जाने से 10 दिन पहले 24 तारीख को एसआई की परीक्षा दी थी। उसे आर्मी, पुलिस और एसओजी की टीम ने सोपोर में उसके सहयोगी रशीद अहमद डार के साथ मार गिराया था।
पुलवामा जिले के रहने वाले गुलाम नबी मलिक के 26 वर्षीय पुत्र ने कटरा के कालेज से बीटेक पास किया था। मलिक के मुताबिक खुर्शीद ने गेट एग्जाम भी पास किया। खुर्शीद एक मेधावी छात्र था। उसने मैट्रिक में 500 में से 416 अंक हासिल किए थे, जबकि 12वीं (मेडिकल विद मैथ्स) में 750 में से 602 अंक हासिल किए। वह धार्मिक था और दिन में पांच दफा प्रार्थना करता था। वह बीती 31 जुलाई को केएएस का फार्म जमा करने की बात कहकर घर से निकला था।
उसने केएएस फार्म आन लाइन भरा भी था। लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। बाद में उसके मारे जाने की सूचना मिली। मरने से पहले उसने काल कर अपने फंसे होने और बख्श देने की बात कही थी। आतंकी की बहन ने उसके मरने से करीब 24 घंटे पहले अपील भी की थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। उसने बीमार मां का हवाला देते हुए उसे वापस लौटने को कहा था। इतना ही नहीं उसने आतंकियों से भी अपील की थी कि अगर खुर्शीद उनके पास है तो उसे आने दें क्योंकि बूढ़े मां-बाप का वही इकलौता सहारा है।
12 घंटे चली मुठभेड़ में मारा गया था आतंकी खुर्शीद और उसका साथी
भारतीय सेना
सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 12 घंटे की मुठभेड़ हुई है। जिसमें सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इस दौरान एक जवान गंभीर रूप से घायल भी हुआ। इलाज के दौरान वह जवान शहीद हो गया। मुठभेड़ सोपोर के बहरामपोरा गांव में हुई है। दरअसल सुरक्षाबलों को इस गांव में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने गांव को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस के अनुसार मारे गए आतंकी लश्कर-ए-तोइबा से सम्बंधित थे।
मिली जानकारी के अनुसार सोपोर के दुर्सू गांव में एक सूचना के आधार पर सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा दो अगस्त गुरूवार को देर रात करीब दस बजे इलाके की घेराबंदी की गई। इस बीच घेरे को सख्त किया गया और रात का समय होने के चलते पूरे इलाके की तारबंदी की गयी और जनरेटर सहित फ्लड लाइट्स लगाई गयी। इस बीच घेरे सख्त होता देख देर रात करीब साढ़े बारह बजे एक घर में छुपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की जिसका जवानों द्वारा भी मुहतोड़ जवाब दिया गया और एक भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। माना जा रहा है कि अंधेरे का फायदा उठाते हुए मकान में छुपे दो आतंकियों ने भागने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुए।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि रात भर रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही और शुक्रवार सुबह भीषण मुठभेड़ शुरू हुई जिसमें दो आतंकियों के मरने की खबर आई लेकिन जब जवानों द्वारा शव तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो उनमें से एक जिंदा आतंकी ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू की जिसमें 22 आरआर के सिपाही विजय कुमार, सिपाही रणजीत और एसओजी का जवान इरफान अहमद वानी घायल हुआ। अधिकारी ने बताया कि तीनो को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल शिफ्ट किया गया जहां रणजीत ने दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि पुलिस द्वारा जारी लिए गए बयान के अनुसार मारे गए आतंकी लश्कर के थे और उनसे हथियार भी बरामद हुए। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकियों की शिनाख्त की जा रही है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मारे गए आतंकियों में नसीराबाद सोपोर का रियाज अहमद डार और निकास पुलवामा का खुर्शीद अहमद मलिक शामिल है। बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार रियाज़ (22) को हाल ही में करीब 3 महीने पूर्व जेल से दो साल की सजा काटने के बाद रिहा किया गया था। उससे पत्थरबाजी के आरोप में पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था और जेल से रिहा होने के बाद 18 जुलाई, 2018 से लापता था जिसके बाद वो आतंकी बना। वहीँ खुर्शीद गत मंगलवार से लापता था और जम्मू के कटरा के एक कॉलेज से बीटेक कर रहा था।
वहीँ इस बीच मुठभेड़ के कारण जिला प्रशासन द्वारा सोपोर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने के निर्देश सुबह ही कर दिए गए थे। क्योंकि पुलिस को अंदेशा था कि इस दौरान हिंसा भड़क सकती है।