अरनिया। अरनिया अस्पताल में रेबीज को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद जख्म को साबुन के साथ अच्छी तरह से धोना है। इसके उपरांत स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से चेकअप करवाना है। किसी प्रकार का भी देसी इलाज नहीं करना है।
उन्होंने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है। जिसका सही समय पर इलाज होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुत्ते के काटने के बाद किसी प्रकार की भी लापरवाही नहीं करनी है। आवारा कुत्तों से छेड़खानी ना करें। ऐसा करने पर कुत्ते उग्र हो जाते हैं जिसके चलते वह काटने को दौड़ते हैं। सुबह जल्दी और रात को अंधेरे में अकेले जाते समय हाथ में छड़ी जरूर रखें। उन्होंने बताया कि अरनिया अस्पताल में रेबीज की पर्याप्त डोज उपलब्ध हैं। कुत्ते के काटने के उपरांत रेबीज की चार डोज अनिवार्य हैं।